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What is Assembler in hindi? असेम्बलर क्या है?

दोस्तों! आज हम असेम्बलर क्या है? (What is Assembler in hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसमें असेम्बलर के कार्य (Assembler work hindi) के साथ-साथ असेम्बलर के विशेषताएं (advantage) और असेम्बलर की कमियाँ (disadvantage) को समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम असेम्बलर से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे Interpreter एवम् Compiler के बारें में बताऊंगा।

असेम्बलर क्या है (What is Assembler in Hindi)

असेम्बलर एक प्रकार का Computer Program है जो ट्रांसलेटर का कार्य करता है। दुसरे शब्दों में कहे तो असेम्बलर एक प्रकार का ट्रांसलेटर है तो असेंबली लैंग्वेज (Assembly Language) को मशीन लैंग्वेज (Machine language) में ट्रांसलेट करता है। मशीन लैंग्वेज को ही लो लेवल लैंग्वेज भी कहा जाता है।

Assembler in hindi

उदाहरण :- मान लीजिये आप हिंदी बोलते हो, आपको इंग्लिश नहीं आता है. ऐसे में यदि सामने वाला केवल इंग्लिश बोलता और समझता है। तो आपको उनसे बात करने के लिए एक ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ेगी जिनके हेल्प से आप सामने वाले से बात कर पाएंगे।

इसी प्रकार कंप्यूटर केवल मशीन भाषा को समझता है उसे केवल 0 और 1 की भाषा समझ आता है। लेकिन प्रोग्रामर या यूजर को केवल इंग्लिश या हिंदी समझ आता है। ऐसे में कंप्यूटर और प्रोग्रामर के बिच कम्युनिकेशन के लिए ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ती है। जिसे असेम्बलर कहा जाता है। मशीन लैंग्वेज को हो लो लेवल लैंग्वेज कहा जाता है।

असेम्बलर कैसे कार्य करता है?

असेम्बलर एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो असेंबली लैंग्वेज (C/C++/java etc.) में लिखे गए प्रोग्राम को मशीन लैंग्वेज (object/target/machine) में कन्वर्ट करता है। अर्थात असेम्बलर, प्रोग्रामर और कंप्यूटर के मध्य में इंटरफ़ेस का कार्य करता है। जब प्रोग्रामर असेंबली लैंग्वेज में प्रोग्राम को लिखता है। और उसे run करता है तो सबसे पहले वह Assembler के पास जाता है। उसके बाद असेम्बलर उस source code को object code में बदलकर कंप्यूटर को देता है। यदि सोर्स कोड में कोई एरर होता हो तो उसे डिस्प्ले करता है। असेम्बलर एक बार में एक ही लाइन को ट्रांसलेट कर सकता है. जबकि कम्पाइलर पुरे प्रोग्राम को एक साथ ट्रांसलेट कर सकता है. असेम्बलर अन्य ट्रांसलेटर जैसे कम्पाइलर की तुलना में स्लो कार्य करता है.

Assembler in hindi

असेंबली लैंग्वेज क्या है? Assembly Language in Hindi

कंप्यूटर में प्रोग्रामिंग करने के लिए मशीन कोड (0/1) का उपयोग करना बहुत ही कठिन था। जिसके कारण इस समस्या को दूर करने के लिए अल्फानुमेरिक चिन्हों (ADD,SUB,MUL और SUM इत्यादि) पर आधारित कंप्यूटर लैंग्वेज का विकास किया गया, जिसे assembly language कहा जाता है।

computer translator in hindi

असेंबली लैंग्वेज एक लो लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसका उपयोग कंप्यूटर और अन्य प्रोग्रामिंग डिवाइस में किया जाता है। असेंबली लैंग्वेज में उपयोग किये जाने वाले चिन्हों को निमोनिक्स कहा जाता है।

असेम्बलर की विशेषताएं (Advantage)

    1. असेम्बलर में सोर्स कोड, प्री-कम्पाइल्ड कोड और स्क्रिप्ट शामिल होते है, जिसके कारण प्रोग्राम को कम्पाइल करने की जरुरत नहीं होती है, वह डायरेक्टली रन होती है।
    2. जिनको प्रोग्रामिंग का ज्ञान कम है और जो अभी शुरवाती लेवल में सिख रहे है उनके लिए अन्य ट्रांसलेटर की तुलना में असेम्बलर का उपयोग करना बहुत ही असान है।
    3. प्रोग्राम में एरर आने पर प्रत्येक लाइन के सामने एक एक करके दिखता है जिससे एरर को solve करना बहुत ही असान हो जाता है।

असेम्बलर की कमियाँ (Disadvantage)

    1. यह एक समय में केवल एक लाइन को ही ट्रांसलेट करता है जिसके कारण पुरे प्रोग्राम को ट्रांसलेट करने में समय लगता है।
    2. अन्य ट्रांसलेटर जैसे compiler की तुलना में यह स्लो कार्य करता है।
    3. डेवलपमेंट एनवायरनमेंट और प्रोग्राम के लिए असेम्बलर बेस्ट आप्शन है। परन्तु प्रोडक्शन के लिए यह अच्छा आप्शन नहीं है।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख असेम्बलर क्या है ( What is assembler in hindi) आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख ( assembler kya hai ) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें।

अब दोस्तों यदि कोई ये असेम्बलर क्या है ? (What is assembler in hindi) से जुड़े तथ्यों की चर्चा करता है असेम्बलर क्या है? (What is assembler in hindi) तो आप आसानी से जवाब दे पाएंगे। दोस्तों कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट https://www.nayabusiness.in एवं Youtube चैनल computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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What is Multiple Access Protocol in Hindi | मल्टिपल एक्सेस प्रोटोकॉल क्या है ? MAP in Hindi

Multiple Access Protocol in Hindi

नेटवर्क में एक ही केबल से बहुत सारें डिवाइस या कंप्यूटर जुड़ी होती है। जिसको Multipoint या Broadcast लिंक कहा जाता है। और जब इस डाटा केबल को बहुत सारें डिवाइस या computer एक साथ Access करते है। तो इस केबल के माध्यम से उनके बिच में कम्युनिकेशन होता है उस प्रोसेस को Multiple Access कहा जाता है। और जिस रूल के माध्यम से मल्टीप्ल एक्सेस किया जाता है उसे मल्टीप्ल एक्सेस प्रोटोकॉल (Multiple Access Protocol in Hindi) कहा जाता है।

“ Network में जब एक ही communication link से बहुत सारें computer एवम् device कनेक्ट होते है और कम्युनिकेशन के लिए उन्हें एक साथ Access करते है। तो इन्हें मल्टीप्ल एक्सेस कहा जाता है। और जिस नियम के माध्यम से एक्सेस करते है उन्हें Multiple Access Protocol कहा जाता है ”

OSI मॉडल में डाटा लिंक लेयर को दो Sub layer में बाँटा गया है।

What is Multiple Access Protocol in Hindi | मल्टिपल एक्सेस प्रोटोकॉल क्या है ? MAP in Hindi

Data Link Control: – यह डाटा लिंक लेयर का ऊपरी sublayer है जो डाटा लिंक (कम्युनिकेशन लिंक) को कण्ट्रोल करने के लिए responsible रहता है। और यह error control, flow control तथा reliability के ऑपरेशन को perform करता है।

Multiple Access :- यह डाटा लिंक लेयर का lower sublayer है जो नेटवर्क में कम्युनिकेशन मीडिया के multiple access के लिए responsible होता है।

मल्टिपल एक्सेस प्रोटोकॉल के प्रकार

दोस्तों! Multiple Access Protocol को मुख्यतः 3 category में बाँटा गया है।

multiple access protocol in Hindi

  1. Random Access Protocol
  2. Controlled Access Protocol
  3. Channelization Protocol

Random Access Protocol

जब नेटवर्क में उपस्थित कोई भी कंप्यूटर या डिवाइस Communication Link को कभी भी, कोई भी, Randomly एक्सेस करता है तो इस मेथड को Random access protocol कहा जाता है। इस मेथड में डाटा लिंक को एक्सेस करने के लिए कोई मेथड नहीं होता है, और न ही कोई sequence होता है। डाटा लिक को कोई भी कभी भी एक्सेस कर सकता है।

Random access protocol in Hindi

Types of Random Access Protocol

Random Access protocol को 4 category में बाँटा गया है।

  1. ALOHA
  2. CSMA
  3. CSMA/CD
  4. CSMA/CA

Controlled Access Protocol

नेटवर्क को Access (ट्रांसमिशन) करने के पहले कंप्यूटर या डिवाइस नेटवर्क के पाथ को चेक करता है। और यह देखता है की कम्युनिकेशन पाथ फ्री है या नहीं। यदि कम्युनिकेशन पाथ फ्री होता है तो वह पाथ को बुक करता है और यदि नहीं है तो देखता है की किस डिवाइस के पास कम्युनिकेशन का अधिकार है। एक स्टेशन तब तक ट्रांसमिट नहीं कर सकता जब तक कि पाथ दुसरे स्टेशन द्वारा अधिकृत है। जैसे ही कम्युनिकेशन पाथ फ्री होता है वह बुक करके ट्रांसमिट कर सकता है।

controlled access protocol in Hindi

इस मेथड में कोई भी स्टेशन कभी भी रैंडम ट्रांसमिट नहीं कर सकता है। पहले पाथ को कण्ट्रोल किया जाता है उसके बाद ही ट्रांसमिट किया जाता है इसलिए इस मेथड को controlled access protocol कहा जाता है। अन्य प्रोटोकॉल की तुलना में इसमें collision बहुत ही कम होता है।

Types of Controlled Access Protocol

कंट्रोल्ड एक्सेस प्रोटोकॉल को तीन केटेगरी में बाँटा गया है जो निम्नलिखित है।

  1. Reservation
  2. Polling
  3. Token Passing

रिजर्वेशन (Reservation)

जिस प्रकार सफ़र करने से पहले ट्रेन की सीट का रिजर्वेशन होता है उसी प्रकार डाटा को नेटवर्क में ट्रांसमिट करने से पहले कम्युनिकेशन पाथ को रिज़र्व किया जाता है उसके बाद ही स्टेशन ट्रांसमिट कर सकता है। इस मेथड को ही रिजर्वेशन कहा जाता है।

नेटवर्क में जितने स्टेशन होते है रिजर्वेशन की संख्या उतना ही होता है। जिस स्टेशन को भी डाटा भेजने की जरुरत होती है वह पाथ को चेक करके बुक करता है और उसके बाद डाटा को ट्रांसमिट करता है।

पोलिंग (Polling)

इस प्रकार के नेटवर्क में दो प्रकार के स्टेशन होते है एक प्राइमरी स्टेशन और दूसरा सेकेंडरी स्टेशन। प्राइमरी स्टेशन वह स्टेशन होता है जो यह निर्णय लेता है की कौन सा स्टेशन कब ट्रांसमिट करेगा। सेकेंडरी स्टेशन अन्य स्टेशन होते है जो डाटा को ट्रांसमिट करते है।

जिस भी स्टेशन को डाटा ट्रांसमिट करना होता है वह प्राइमरी स्टेशन को रिक्वेस्ट करता है सारें ट्रांसमिशन प्राइमरी स्टेशन के द्वारा किया जाता है सारें स्टेशन डाटा को पहले प्राइमरी स्टेशन के पास भेजते है उसके बाद प्राइमरी स्टेशन यह निर्णय लेता है की कौन सा डाटा कब ट्रांसमिट होगा।

जिस प्रकार ट्राफिक पुलिस ट्राफिक को कण्ट्रोल करता है उसी प्रकार सेकेंडरी स्टेशन नेटवर्क ट्राफिक को कण्ट्रोल करता है। इस मेथड को पोलिंग कहा जाता है इसमें भी collision की संभावना कम होती है।

पोलिंग मेथड दो मोड में कार्य करता है पहला पोल मोड और दूसरा सेलेक्ट मोड। पोल मोड़ में प्राइमरी स्टेशन डाटा तो प्राप्त करता है और सेल्क्ट मोड में डाटा को डेस्टिनेशन तक ट्रांसमिट करता है।

टोकन पासिंग (Token Passing)

Token Passing में स्टेशन के द्वारा टोकन (विशेष डाटा फ्रेम) का उपयोग किया जाता है। नेटवर्क में जिस स्टेशन के पास टोकन होगा केवल वह स्टेशन ही कम्युनिकेशन लिंक का प्रयोग कर पायेगा और अपना डाटा ट्रांसमिट कर पायेगा। इस प्रकार के एक्सेस मेथड को कंट्रोल्ड एक्सेस प्रोटोकॉल कहा जाता है।

token passing in Hindi

टोकन क्या है?

टोकन एक विशेष डाटा फ्रेम होता है जो एक कंटेनर की तरह कार्य करता है। Token का कार्य डाटा को सोर्स से डेस्टिनेशन तक पहुचना होता है। जब टोकन फ्री होता है तो वह नेटवर्क में घूमते रहता है जब भी किसी भी स्टेशन को डाटा ट्रांसमिट करना होता है तो वह टोकन को देखता है की वह फ्री है की नहीं। जैसे ही टोकन फ्री होता है उसे स्टेशन कैप्चर करके डाटा ट्रांसमिट करता है। डाटा ट्रांसमिट होने के बाद टोकन को छोड़ देता है।

चैनलाइजेशन ( Channelization)

चैनलाइजेशन एक Multiple Access Protocol है। जिसमें कम्युनिकेशन लिंक को नेटवर्क में उपस्थित स्टेशन की संख्या के अनुसार बाँट दिया जाता है। ट्रांसमिशन मीडिया को टाइम, फ्रीक्वेंसी एवं कोड के अनुसार बाँट दिया जाता है।

channelization hindi

आपने देखा होगा रेलवे स्टेशन में प्रत्येक ट्रेन को टाइम में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक ट्रेन अपने टाइम के अनुसार एक स्टेशन से दुसरे स्टेशन में जाता है इस प्रकार चैनलाइजेशन में टाइम, फ्रीक्वेंसी एवं कोड के अनुसार बाँट देते है। जिसके अनुसार स्टेशन डाटा ट्रांसमिशन का कार्य करते है।

चैनलाइजेशन के प्रकार (Types of Channelization)

चैनलाइजेशन को मुख्यतः तीन केटेगरी में बाँटा गया है जो निम्नलिखित है।

  1. फ्रीक्वेंसी डिविजन मल्टीप्ल एक्सेस (FDMA)
  2. टाइम डिविजन मल्टीप्ल एक्सेस (TDMA)
  3. कोड डिविजन मल्टीप्ल एक्सेस (CDMA)

टाइम डिविजन मल्टीप्ल एक्सेस (TDMA)

TDMA का पूरा नाम Time Division Multiple Access है। यह एक चैनल एक्सेस मेथड है। जिसमे कम्युनिकेशन लिंक को नेटवर्क में उपस्थित सभी स्टेशन को समय के अनुसार बाँट दिया जाता है। प्रत्येक स्टेशन के लिए अलग अलग टाइम स्लॉट होता है। अर्थात सभी स्टेशन को ट्रांसमिशन के लिए समय आबंटित कर दिया जाता है। जिस समय जिस स्टेशन का टाइम स्लॉट होता है केवल उसी का कैरियर उपस्थित रहता है।

उदहारण:- जिस प्रकार रेलवे में प्रत्येक ट्रेन के लिए एक समय स्लॉट होता है। उसी के अनुसार वह ट्रेन एक से दूसरी जगह जाता है जबकि रेल पटरी एक ही होती है। इसी प्रकार नेटवर्क में उपस्थित प्रत्येक स्टेशन को एक टाइम स्लॉट दे दिया जाता है उसी में वह ट्रांसमिशन का कार्य करता है।

Advantage of TDMA

  1. किसी भी दिए गए समय में केवल एक स्टेशन ट्रांसमिट कर सकता है जिसके कारण collision की संभावना बहुत कम होती है।
  2. TDMA एक प्रभावी ट्रांसमिशन सिस्टम है क्योकिं इसमें कम्युनिकेशन लिंक का अच्छा यूटिलाइजेशन होता है।
  3. TDMA के अंतर्गत टाइम स्लॉट में सिग्नल को तैयार करना बहुत ही असान होता है।

Disadvantage of TDMA

  1. TDMA नेटवर्क में सभी स्टेशन को सिंक्रोनाइज करना आवश्यक होता है।
  2. प्रत्येक स्टेशन के द्वारा ट्रांसमिशन दिए गए निश्चित समय में हो जाना चाहिए।
  3. एक स्टेशन ही दिए गए स्टेशन में ट्रांसमिट कर सकता है और वो भी दिए गए टाइम स्लॉट में ही ट्रांसमिट कर सकता है।

कोड डिविजन मल्टीप्ल एक्सेस (CDMA)

CDMA का पूरा नाम Code Division Multiple Access है। यह एक चैनल एक्सेस मेथड है। CDMA के अंतर्गत नेटवर्क में उपस्थित प्रत्येक स्टेशन को एक यूनिक बाइनरी कोड आबंटित (assign) किया जाता है। इस यूनिक बाइनरी कोड को चिप कोड कहा जाता है।

CDMA में प्रत्येक स्टेशन आवश्कतानुसार किसी भी समय डाटा का ट्रांसमिशन कर सकता है। और वह पुरे बैंडविड्थ का उपयोग कर सकता है। अर्थात एक ही समय में एक ही चैनल का उपयोग करके विभिन्न स्टेशन एक साथ ट्रांसमिट कर सकते है।

CDMA technology का उपयोग मोबाइल टेलीकम्यूनिकेशन और अन्य वायरलेस सिस्टम में मल्टीप्ल एक्सेस के लिए किया जाता है।

Feature of CDMA (CDMA की विशेषताएँ)

  1. यह एक advanced communication technology है।
  2. यह नेटवर्क को Anti-Jam और Security Feature प्रदान करता है।
  3. FDMA और TDMA की तुलना में इसकी कैपेसिटी बहुत अधिक होती है।
  4. यह Spread Spectrum Technology का उपयोग करता है।
  5. CDMA में हाई बैंडविड्थ का अच्छा utilization करता है।

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सोडा की दुकान कैसे शुरू करें? How to Start Soda Shop Business In India 2021

Start Soda Shop Business In India / सोडा की दुकान कैसे शुरू करें?

दोस्तों! आज हम नए ज़माने के सबसे ज्यादा डिमांडिंग बिज़नस सोडा बिज़नस कैसे शुरू करें?  (Soda Business Hindi) के बारें में बात करेंगे। जिसमें हम सोडा बिज़नस प्लान (soda Business plan in India) को समझायेंगे। आज जो हम सोडा पॉइंट बिज़नस (soft Drink Business) के बारें में आपको बताएँगे. ये बिज़नस इंडिया में 2021 के लिए बेस्ट बिज़नस आइडियाज (Best Business Ideas) है.

वर्तमान लाइफस्टाइल में सोडा पॉइंट एक ऐसा बिज़नस है जिसे शुरू करके अच्छी आमदनी लिया जा सकता है. आपने अपने शहर में सोडा पॉइंट (सोडा की दुकान) तो जरुर देखी होगी. जिसमे विभिन्न स्वाद के सोडा कस्टमर को 10 रूपये से 15 रूपये के रेट में बेचा जाता है. जिसे ग्राहक बड़े ही चाव से पीते है. सोडा की दुकान को पार्ट टाइम या फुल टाइम लगा कर अच्छी आमदनी लिया जा सकता है. इसे कोई भी कम पढ़ा लिखा, नॉन टेक्निकल व्यक्ति असानी से कर सकता है.

New_chipest_soda_Machine_in_India_2021

सोडा बनाने की मशीन

सोडा पॉइंट या सोडा बिज़नस को शुरू करने के लिए आपको सोडा मेकिंग मशीन की जरुरत होगी. जिसको ध्यान में रखते हुए आज मैं आपके लिए एक छोटा सा चुन्निदा सोडा मशीन (soda Machine) लेकर आया हु. जो 2021 की बेस्ट सोडा मशीन है. इस सोडा मशीन (New soda Machine 2021) को चलाने के लिए आपको बिजली या पॉवर की जरुरत नहीं होगी और ना ही दुकान की जरुरत होगी.

New_Soda_Machine_2021_india

सोडा मशीन का साइज़ बहुत ही कम है आप इसे एक जगह से दुसरे जगह असानी से ले जा सकते है. इसकी कीमत भी अन्य सोडा मशीन की तुलना में बहुत ही कम है. आप इस एक मशीन से 40 फ्लेवर के सोडा को रेडी कर सकते है. यदि आप छोटा सा किराना दुकान या कोई भी बिज़नस करते है तो उसमें इस सोडा मशीन (soda Machine 2021) को लगाकर आप भी अच्छा प्रॉफिट ले सकते है.

यदि आप भी सोडा पॉइंट या सोडा की दुकान (soda point Business) शुरू करके अच्छी आमदनी लेना चाहते है. तो, आप निचे दिए गए सोडा पॉइंट बिज़नस या सॉफ्ट ड्रिंक बिज़नस (soft drink business hindi) के विडियो को जरुर देखें. क्योकिं इस विडियो में हमने सोडा दुकान की पूरी जानकारी दी है.

सोडा की दुकान क्या है?

सोडा की दुकान में विभिन्न स्वाद/फ्लेवर के सोडा की बिक्री किया जाता है. जिनमें लेमन सोडा, लीची सोडा, मसाला सोडा, सादा सोडा, काला खट्टा, क्रीम सोडा इत्यादि 40 से भी अधिक फ्लेवर शामिल होते है. ग्राहकों को सोडा 10 रूपये की रेट से दिया जाता है जिन्हें ग्राहक बड़े ही चाव से पीते है.

सोडा दुकान को कैसे शुरू करें?

सोडा दुकान को कम बजट में बड़ी ही असानी से शुरू किया जा सकता है. सोडा बिज़नस की शुरवात दो प्रकार से किया जा सकता है. जिसमे एक तो स्थायी दुकान लगाकर किया जा सकता है इसमें आपको सोडा मशीन की जरुरत होगी. जिसे आप दुकान में लगाकर इस बिज़नस (soda shop business Hindi) को कर सकते है.

दूसरा तरीका जिसमे सोडा वैन के माध्यम से आप इस बिज़नस को कर सकते है. सोडा वैन से आप एक साथ विभिन्न जगह को कवर कर सकते है. इसके लिए आपको सोडा वैन की जरुरत होगी. जिसे आप खरीदकर मोबाइल सोडा पॉइंट बिज़नस को शुरू कर सकते है. और इससे आप हर महीने अच्छे आमदनी ले सकते हैं.

सोडा की दुकान को कहा पर शुरू करें?

सोडा की दुकान के लिए लोकेशन बहुत ही मायने रखता है. सोडा की दुकान को भीड़-भाड़ वाले इलाके में शुरू करना चाहिए. आप अपने एरिया के मार्किट प्लेस, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मॉल इत्यादी के पास सोडा बिज़नस (soda business ideas) को शुरू कर सकते है. इनके अलावा आप स्कूल, कॉलेज एवं सरकारी दफ्तर के पास सोडा शॉप बिज़नस को शुरू करके अच्छी आमदनी ले सकते है.

मशीन की कीमत

विडियो में जो सोडा बनाने की मशीन (new soda machine 2021) आपने देखा उसकी कीमत केवल 25 हजार रूपये है. इसे आप आल इंडिया कही भी मंगा सकते है. हमने विडियो के डिस्क्रिप्शन में सेलर का नंबर दिया है. आप उनको काल करके मशीन को मंगा सकते है. आप भी इस शानदार बिज़नस को शुरू करके अच्छी आमदनी ले सकते है.

soft drink business kaise shuru karen

बिज़नस को कितने तरीके से कर सकते है?

दोस्तों सॉफ्ट ड्रिंक बिज़नस (soft drink business hindi) को आप अनेक तरीके से शुरू कर सकते है. यदि आप पहले कोई भी बिज़नस कर रहे है तो उसमे भी इसको जोड़कर शुरू कर सकते है. यदि आप चाहे तो सोडा बिज़नस को इंडीविजुवाल्ली भी कर सकते है. अपने घर के आस-पास चौक चौराहों में इसे शुरू कर सकते है. केवल सुबह और शाम केवल 2-2 घंटे भी इस बिज़नस को करते है तो आराम से आप 2000 प्रतिदिन की कमाई कर सकते है.

सोडा बिज़नस में रिस्क

दोस्तों हर बिज़नस की तरह इस बिज़नस में भी कुछ रिस्क है. जैसे सोडा बिज़नस (soda making business) एक सिजनेबल बिज़नस आइडियाज है. अर्थात इसकी डिमांड केवल गर्मियों में ज्यादा होती है. आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की यह बिज़नस मार्किट प्लेस में ही ज्यादा चलता है. जहाँ लोगो की भीड़ ज्यादा हो वही इस बिज़नस को शुरू करें. बिज़नस को शुरू करने से पहले इसके नफे/नुकसान का अनुमान लगा लो. पहले अपने लिए मार्किट बनाओ. उसके बाद ही सोडा बनाने की मशीन (soda machine) को खरीदो. अगर आप बिना सोचे समझे किसी भी बिज़नस में हाथ डालोगे तो आपको नुकसान भी हो सकता है.

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख सोडा की दुकान कैसे शुरू करें? How to Start Soda Shop Business In India 2021 आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख भारत के Start Soda Shop Business In India (सोडा बिज़नस कैसे शुरू करें?) पसंद आया हो तो लाइक करें। और इन्हें लोगो को शेयर करें, ताकि वो भी सोडा बिज़नस आइडियाज ( Soft Drink Business Plan in india) को अपने एरिया में शुरू करके अच्छी मुनाफा ले सके.

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट nayabusiness.com एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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Oxygen Business – Start Oxygen Business in India / ऑक्सीजन सिलेंडर बिज़नस कैसे शुरू करें?

आज हम आपको ऑक्सीजन सिलेंडर बिज़नस (Oxygen Business Hindi) के बारे में बात करेंगे। जो इंडिया में लॉक डाउन के लिए ऑक्सीजन बिज़नस (Oxygen Business 2021) है। जिसे वतर्मान में कोरोना काल के समय में भी असानी से शुरू किया जा सकता है। और कोरोना काल के बाद भी इस बिज़नस को करके अच्छी आमदनी लिया जा सकता है। दोस्तों बिज़नस तो पुराना है पर इसे आप नए ज़माने के नए तरीके से करके अच्छी आमदनी ले सकते है।

Start Oxygen Business in India

इस समय देश में कोरोनाकाल का सेकंड वेब चल रहा है. जिसमे ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा कमी हो रही है. जिनके चलते ऑक्सीजन की कमी से लोगो की मृत्यु बहुत अधिक हो रही है. केंद्र सरकार ऑक्सीजन की प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए बड़े लेवल पर विभिन्न प्रकार के प्लानिंग कर रहे है कि, कही से तो ऑक्सीजन की कमी की पूर्ति की जा सके.

Oxygen cylinder Business

दोस्तों यदि हम बिज़नस की नजरिये से देखें तो, यह एक बेस्ट बिज़नस ऑपरचुनीटी (Best Business) है. इस समय यदि आप ऑक्सीजन बिज़नस (Oxygen plant) शुरू करते है तो न सिर्फ आप मानवता की सेवा करेंगे बल्कि ऑक्सीजन बिज़नस (Oxygen Cylinder Business) से अच्छी खासी कमाई भी कर सकते है.

ऑक्सीजन बिज़नस को सरकार दे रही है बढ़ावा

पहले की बात करें तो, ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (Oxygen Cylinder plant) लगाने के लिए बहुत ज्यादा ताम झाम करना पड़ता था. ऑक्सीजन बिज़नस पूरी तरह से शुरू होने में बहुत सारें लाइसेंस और अप्रूवल लेना होता था.

केंद्र सरकार ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए, इस प्रक्रिया को बहुत ही असान कर दिया है. यदि आप ऑक्सीजन बिज़नस (Oxygen Business) के पुरे डॉक्यूमेंट और पेपर को पूरा कर लेते है तो केवल 24 घंटे के अन्दर आपको इस बिज़नस के लिए अप्रूवल मिल जायेगा.

ऑक्सीजन प्लांट की लागत

ऑक्सीजन प्लांट में मुख्यतः दो प्रकार की इन्वेस्टमेंट होती है. जिसमे पहला ऑक्सीजन मेकिंग मशीन (Oxygen machine) और दूसरा प्लांट के सेटअप/ फाउंडेशन का होता है. ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग मशीन की बात करें तो यह केवल 6 लाख रूपये से शुरू हो जाती है. मशीन में विभिन्न वेराइटी है जिसकी कीमत 10 लाख, 20 लाख से एक करोड़ तक होती है. मशीन की प्राइस उसके प्रोडक्शन कैपेसिटी पर निर्भर करता है. आप मशीन की वेराइटी को इंडियामार्ट वेबसाइट से देख सकते है.

Oxygen Business in india

ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (Oxygen plant) को सेटअप करने के लिए फाउंडेशन की जरुरत होगी. जिसमे ऑक्सीजन फिलिंग, ऑक्सीजन बोटलिंग, पार्किंग सभी का जगह सेपरेट होना चाहिए. इसके अलावा आपको ऑफिस की सेटअप की जरुरत होगी.

तो इस तरह यदि हम ऑक्सीजन प्लांट में कुल लागत की बात करें, तो यदि आप 6 लाख रूपये की मशीन को खरीदते है, तो आपको ऑक्सीजन सिलेंडर बिज़नस (Oxygen Cylinder Business) को शुरू करने में 10 से 12 लाख की इन्वेस्टमेंट करने की जरुरत होगी. इसी तरह यदि आप 10 लाख की ऑक्सीजन मशीन को खरीदते है तो आपको ऑक्सीजन बिज़नस को शुरू करने में 18 से 20 लाख की इन्वेस्टमेंट करने की जरुरत होगी.

ऑक्सीजन प्लांट के लिए जगह

ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए 1800Sqft से 2000Sqft जगह की जरुरत पड़ती है. जिसमे से 1000 से 1200Sqft जगह का उपयोग ऑक्सीजन मेकिंग मशीन (Oxygen machine) के लिए उपयोग किया जाता है. और बचे हुए स्पेस का उपयोग ऑक्सीजन की बौटलिंग, रिफलिंग एवं पार्किंग के लिए किया जाता है. इस तरह यदि देखा जाये तो ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (Oxygen Business) को शुरू करने के लिए 2000 Sqft जगह की जरुरत होती है.

ऑक्सीजन प्लांट के लिए लोन

केंद्र सरकार के CGRMSE (सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारेंटी फंड ट्रस्ट) के द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर प्लांट (Oxygen Business) के लिए 2 करोड़ के लोन का प्रावधान है. यदि आप ऑक्सीजन बिज़नस का प्लान कर रहे है तो इसके लिए केंद्र सरकार से लोन आपको असानी से मिल जायेगा.

oxygen business

इनके अलावा आप स्टैंड उप इंडिया से भी ऑक्सीजन सिलेंडर बिज़नस के लिए लोन ले सकते है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से 25 लाख तक का लोन पा सकते है. इसके अलावा यदि आपके नाम में थोडा भी प्रॉपर्टी है तो दोस्तों आप किसी भी बैंक से बिज़नस या पर्सनल लोन लेकर इस बिज़नस को शुरू कर सकते है.

ऑक्सीजन प्लांट के लिए लाइसेंस

दोस्तों यदि आप भी ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस (oxygen business in india) का प्लान कर रहे है तो सबसे पहले आपको एक कंपनी को रजिस्ट्रेशन करना होगा. कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन लगेगा. इनके अलावा आपको MSME और फायर से सर्टिफिकेट की जरुरत होगी. हमने विडियो में इसके पुरे प्रोसेस को विस्तार से बताया है. पूरी जानकारी के लिए आप निचे दिए गए विडियो को देख सकते है.

ऑक्सीजन की मार्केटिंग और सेल्लिंग

वर्तमान में ऑक्सीजन की मार्केटिंग और सेल्लिंग की टेंशन लेने की जरुरत नहीं है. देश के किसी भी कोने में आप ऑक्सीजन सिलेंडर का मैन्युफैक्चरिंग (oxygen business) करते है तो इस समय ऑक्सीजन का डिमांड इतना अधिक है की आपको मार्केटिंग और सेल्लिंग में कुछ करने की जरुरत ही नहीं है. हाँ लेकिंन जब आप ऑक्सीजन सिलेंडर का मैन्युफैक्चरिंग (Oxygen Business) करेंगे तो शुरवात में लोगो की जानकारी के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रचार की जरुरत होगी.

तो दोस्तों उम्मीद करता हु की इस ऑक्सीजन सिलेंडर बिज़नस कैसे शुरू करें? (Start Oxygen Business in India) से आपको कुछ अच्छी जानकारी जरुर मिली होगी, यदि यह ऑक्सीजन सिलेंडर बिज़नस (new medical business) आपको पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, लोगो को शेयर करें। ताकि वो लोग भी इस बेस्ट स्माल बिज़नस से अच्छी कमाई कर सकें, और अगर आपक कोई सवाल या सुझाव है तो विडियो/लेख के निचे कमेंट करना ना भूलें।

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट nayabusiness.com एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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लॉकडाउन के लिए नया बिज़नस इंडिया | Best Business for Lockdown 2021 in India

आज हम आपको लॉकडाउन के लिए नया बिज़नस आईडिया इंडिया (Lockdown ke liye New Business Hindi) के बारे में बात करेंगे। जो इंडिया में लॉक डाउन के लिए बेस्ट बुसिनेस आइडियाज (Best Business for Lockdown 2021) है। जिसे वतर्मान में कोरोना काल के समय में भी असानी से शुरू किया जा सकता है। और कोरोना काल के बाद भी इस बिज़नस को करके अच्छी आमदनी लिया जा सकता है। दोस्तों बिज़नस तो पुराना है पर इसे आप नए ज़माने के नए तरीके से करके अच्छी आमदनी ले सकते है।

दोस्तों इस बिज़नस की खास बात यह है की यह लॉक डाउन के समय के लिए बेस्ट स्माल बिज़नस आइडियाज है जिसे आप बहुत ही कम लागत से शुरू कर सकते है। इस बिज़नस से आप तुरंत मुनाफा ले सकते है इसमें आपको दुकान और लोकेशन का झंझट नहीं होगा। तो दोस्तों पोस्ट के अंत तक बने रहे मैं इस लेख में आपको लॉकडाउन के लिए बेस्ट बिज़नस (Best Business for Lockdown) आइडियाज के बारें में बताऊंगा। इस बिज़नस की जानकारी के साथ-साथ, लागत, मुनाफ और रिस्क के बारें में विस्तार से बताऊंगा। तो दोस्तों आइये देखते है।

Best business for Lock Down 2021

लॉकडाउन बिज़नस की डिमांड

आप सभी को मालूम ही है कि, कोरोनाकाल चल रहा है और अभी काफी सारें राज्यों में लॉकडाउन भी है। जिसके कारण इस समय कई न्यूज़ भी आ रहा है कि, केंद सरकार नया गाइडलाइन जारी करने वाला है की कुछ ही दिने में सम्पूर्ण लॉकडाउन होने वाला है। देखा जाये तो अभी तक कोरोनाकाल का कोई निश्चित समय नहीं है की यह हमारें देश में कब तक चलेगा। यह स्थिति बिज़नस करने वाले लोगो के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। और जो लोग नए बिज़नस (Naya Business) शुरू करने की तलाश में है उनके लिए यह एक बहुत बड़ा चुनौती है।

आज के समय में कोई भी ग्राहक घर से बाहर नहीं निकलना चाहता है, ऐसे में आप किस प्रकार का बिज़नस (Best Business for Lockdown) करेंगे यह अपने आप में एक बहुत बड़ी समस्या है तथा दूसरी समस्या यह भी है, यदि लॉकडाउन में सरकार बिज़नस करने की अनुमति दे भी रही है तो केवल 3 से 4 घंटे के लिए बिज़नस करने दे रही है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखकर आज हम आपके लिए ऐसे एक चुनिन्दा बिज़नस लेकर आये है।

जिसे आप लॉकडाउन में भी कर सकते है। और केवल 2 से 4 घंटे काम करके पूरा दिन का मुनाफा एक साथ ले सकते है। इस बिज़नस को लॉकडाउन में हमारे देश में असानी से किया जा सकता है। और लाखों लोग इस लॉकडाउन के लिए बेस्ट बिज़नस (Best Business for Lockdown) को करके अच्छी कमाई कर रहे है
यह भारत समेत सभी देशो के लिए लॉकडाउन के समय और उसेके बाद के लिए भी यह एक बेस्ट बिज़नस है।

लॉकडाउन बिज़नस की खास बात

इस बिज़नस की ख़ास बात यह है इसे आप अपने बजट के अनुसार कम लागत से भी शुरू कर सकते है और इसमें आप एक साथ 20 से भी अधिक चुनिंदा बिज़नस कर सकते है। इसके लिए आपको दुकान या जगह की जरुरत/झंझट नहीं होगा। इस लॉकडाउन सर्विस बिज़नस 2021 (lockdown ke liye business) की खास बात यह है की इसे आप पार्ट टाइम, फुल टाइम दोनों तरीके से शुरू कर सकते है। या फिर अपने पुराने बिज़नस के साथ जोड़कर भी सकते है। इसे आप अपने घर से 30 किलोमीटर की दायरे में आसानी से करके अच्छी आमदनी ले सकते है।

लॉकडाउन सर्विस बिज़नस को कैसे करे?

इस बिज़नस (lockdown business ideas) को शुरू करने के लिए आपको केवल एक डिलीवरी वैन/ गाड़ी की जरुरत होगी। जिसके माध्यम से आप अभी के डिमांड के अनुसार राशन,फल,सब्जी,डेयरी,दाल,आलू,प्याज, अदरक,लहसुन जैसे 50 बिज़नस को एक साथ करके सकते है। आप अपना बिज़नस करने का लोकेशन तय कर सकते है। यदि आप गाँव में रहते है तो अपने घर से 30 किलोमीटर की दुरी में उपस्थित सभी जगह को टारगेट कर सकते है। केवल 2 से 4 घंटे की बिज़नस से आप दोहरा मुनाफा ले सकते है। इस बिज़नस में आपको रोजाना इनकम होना तय है।

लॉकडाउन बिज़नस के इन्वेस्टमेंट

इस बिज़नस में मुख्य इन्वेस्टमेंट डिलीवरी गाड़ी का ही है जो टोटल इन्वेस्टमेंट का 80 प्रतिशत है इनके आलावा आप जो बिज़नस करना चाहोगे उसकी लागत 20 प्रतिशत होगी। डिलीवरी गाड़ी /वैन वर्तमान में 3 व्हीलर और 4 व्हीलर दोनों में उपलब्ध है। जिनकी कीमत 1 लाख से 5 लाख के बिच में है। हमने निचे दिए गए विडियो में सभी गाड़ी की जानकारी, प्राइस, माइलेज और कैपेसिटी को विस्तार से बताया है। आप चाहे तो विडियो को देखकर इनका पूरा जानकारी ले सकते है।

आप डिलीवरी वैन को किराया/रेंट में भी ले सकते है या फिर सेकंड हैण्ड खरीदकर भी कम बजट में शुरू कर सकते है। यदि आपका बजट ठीक है तो आप नए गाड़ी को EMI/क़िस्त में भी खरीद सकते है।

कौन कौन से बिज़नस कर सकते है

आप डिलीवरी वैन की सहायता से सभी प्रकार के लॉकडाउन बिज़नस (Best Business for Lockdown Hindi) को कर सकते है। आप इनसे राशन समान का बिज़नस, डेली नीड्स का बिज़नस, सब्जी का बिज़नस, फल का बिज़नस, डेयरी का बिज़नस, कबाड़ी का बिज़नस और लहसुन, प्याज, अदरक जैसे सभी प्रकार के बिज़नस को कर सकते है। इनके अलावा आप मास्क, सेनेटईजर, PPE किट जैसे मेडिकल सर्विस का काम भी कर सकते है। लॉक डाउन के समय के ध्यान में रखते हुए आप विभिन्न प्रकार के बिज़नस कर सकते है। इस होम डिलीवरी बिज़नस (lockdown home delivery business hindi) की खास बात यह है की इसे आप lockdown के पहले भी कर सकते है और बाद में भी असानी से कर सकते है। और बाद में इस बिज़नस से दोहरा मुनाफा ले सकते है।

लॉकडाउन बिज़नस से ग्राहक को फायदे

दोस्तों इस लॉकडाउन बिज़नस (lockdown service business) से ग्राहक को भी बहुत अधिक फायदे है। ग्राहक का डिमांड घर पर ही पूरा होगा। ग्राहक को पूरा प्रोडक्ट पुरे क्वालिटी के साथ घर पर ही मिल जायेगा। उनका समय और पेट्रोल भी बचेगा। साथ ही दोस्तों कोरोनाकाल में घर पर सुरक्षित भी रहेंगे।

लॉक डाउन बिज़नस में रिस्क

हर बिज़नस की तरह इस लॉकडाउन बिज़नस (lockdown service business) में भी कुछ रिस्क है जिन बातों को आपको ध्यान में रखना होगा। और यदि आप इन सभी बातों का ध्यान रखते है तो आप इस बिज़नस से अच्छी आमदनी कर सकते है। आप जिस भी लोकेशन में बिज़नस करना चाहते है उसका दिन और समय पहले से फिक्स कर लीजिये। इससे ग्राहक को जानकारी होगी की आप सामन किस समय लाते है जिससे कम समय में अधिक सामान की बिक्री कर पाएंगे। दूसरी बात यदि आप समय में नहीं जावोगे दुसरे टाइम में जावोगे तो ग्राहक आपको इग्नोर कर सकते है। वो बिजी रहेंगे और आपसे सामान नहीं खरीद पाएंगे। साथ ही आपको सर्विस और व्यव्हार को अच्छा रखना होगा। यदि आप इस सभी बातों का ध्यान रखकर इस लॉक डाउन सर्विस बिज़नस को शुरू करके है तो अच्छी आमदनी ले सकते है।

तो दोस्तों उम्मीद करता हु की इस लॉकडाउन के लिए नया बिज़नस (lockdown ke liye new business) से आपको कुछ अच्छी जानकारी जरुर मिली होगी, यदि यह लॉकडाउन नया बिज़नस आइडियाज (lockdown naya business ideas) आपको पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, लोगो को शेयर करें। ताकि वो लोग भी इस बेस्ट स्माल बिज़नस से अच्छी कमाई कर सकें, और अगर आपक कोई सवाल या सुझाव है तो विडियो/लेख के निचे कमेंट करना ना भूलें।

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3 in 1 Combined Rice Mill Business / नए ज़माने का मिनी राइस मिल + मसाला मील + आटा चक्की

दोस्तों! आज हम एक ऐसे बेस्ट घरेलु बिज़नस (Best Home Business Hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसे आप अपने घर से शुरू करके अच्छी आमदनी ले सकते है। आज मैं आपको नए ज़माने के एक नए मशीन/बिज़नस के बारें में बताऊंगा, जिसे आप बहुत ही कम बजट में शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते है। आज मै आपको कंबाइंड राइस मील मशीन/ बिज़नस के बारें में बताऊंगा। जिनसे आप एक साथ राइस मील + मसाला मील + आटा चक्की का बिज़नस कर सकते है। यह 2021 बेस्ट स्माल बिज़नस मशीन है जिसमें आप एक साथ चावल मील/मसाला मील/आटा चक्की + 10 से भी अधिक चुनिन्दा बिज़नस कर सकते हो।

3 in 1 New Combined Rice Mill Machine _ Masala Mill_Flour Mill

तो दोस्तों पोस्ट के लास्ट तक बने रहे, मैं इस पोस्ट में आपको बिज़नस की जानकारी के साथ साथ, मशीन की जानकारी, लागत, प्रॉफिट, लाइसेंस, मार्केटिंग और बिज़नस की रिस्क के बारें में विस्तार से बताऊंगा।

Contents:-


कंबाइंड राइस मील/मसाला मील/ आटा चक्की (New Rice Mill Business)

वर्तमान में जो कंबाइंड राइस मील मशीन आ रहा है। वह फुल्ली आटोमेटिक वन टाइम प्रोसेसिंग मिनी राइस मिल मशीन है। यह मशीन आधुनिक पध्धति वाला मशीन है। जिसमे आप राइस मील + मसाला मील + आटा चक्की ये सभी बिज़नस कर सकते है।  पुराने समय में जो मशीन आते थे, उसमे धान से चावल निकालने में कम से कम 2 से 3 प्रोसेस करना पड़ता था।

लेकिन दोस्तों यह मशीन वन टाइम प्रोसेसिंग है। जिससे आप एक ही बार में धान को चावल से अलग कर सकते है। इस मशीन में राइस को पॉलिश और भूसी को अलग करने का भी सिस्टम है। मशीन एक ही बार में एकदम साफ़ राइस निकल देता है। इसके साथ-साथ यह मशीन गेहू, चावल, चना एवं विभिन्न अनाज की पिसाई करता है, और साथ साथ मसाला जैसे धनिया, हल्दी और मिर्च इत्यादि की पिसाई भी कर देता है।


मशीन का प्रोडक्शन (Rice Mill Production)

दोस्तों इस मशीन की प्रोडक्शन की बात करें तो यह मशीन 3 HP की मशीन है और फुल्ली आटोमेटिक मशीन है जो 150 किलो/ घंटा राइस की मिलिंग कर सकता है। मसाला पिसाई में इसकी कैपेसिटी 30 से 40 किलो/प्रति घंटे की है।

3 in 1 Combined Rice Mill Machine _ Masala Mill_Flour Mill


राइस मिल बिज़नस की लागत (Rice Mill investment)

इस राइस मील + मसाला मील + आटा चक्की (Rice Mill Business) बिज़नस में जो भी लागत है वह केवल मशीन का ही है। इसके अलावा आपको 500 से 1000 रूपये की तराजू और मसाला पैक करने के लिए एक 1000 की सीलिंग मशीन की जरुरत होगी। मशीन सेलर के पास 3 HP से लेकर 10 HP तक का मशीन उपलब्ध है। विडियो में जो मशीन हमने दिखाया है उसमे राइस मिल 32 हजार रूपये से शुरू होती है। मशीन में विभिन्न वेराइटी है। आप अपने बजट के अनुसार मशीन सेलर से बात करके मशीन को मंगा सकते है। मशीन सेलर की जानकारी और नंबर विडियो के डिस्क्रिप्शन में दिया गया है।


राइस मिल बिज़नस से कमाई (Rice Mill Profit)

यदि इस राइस मील + मसाला मील + आटा चक्की बिज़नस में कमाई की बात करें, तो इसमें आप दो प्रकार से कमाई कर सकते है। पहला जो है धान से चावल को अलग करके सर्विस दे के मुनाफा ले सकते है।  इनके अलावा आटा और मसाला की पिसाई सर्विस दे के मुनाफा ले सकते है।

दोस्तों सर्विस चार्ज आप अपने एरिया के हिसाब से ले सकते है अलग अलग एरिया के हिसाब से चावल मिलिंग का सर्विस चार्ज 30 से 40 रूपये प्रति बोरी की होती है। तथा आटा चक्की में 5 से 7 रूपये प्रति किलो तथा मसाला पिसाई में 15 से 20 रूपये प्रति किलो तक होती है। और दुसरे तरीके में दोस्तों धान की विभिन्न वेराइटी को आप चावल में बदलकर उसको सेल करके बिज़नस कर सकते है। इनके अलावा मसाला और आटे का बिज़नस (Rice Mill Business) भी इस मशीन से करके अच्छी कमाई कर सकते हो।

New Combined Rice Mill Machine _ Masala Mill_Flour Mill 3 in 1


राइस मिल बिज़नस से इलेक्ट्रिसिटी (Electricity Connection)

विडियो में जो मशीन आपने देखा वह सिंगल फेस की मशीन है। जोकि आप घरेलु कनेक्शन से चला सकते है। जिसमें आप राइस मील बिज़नस (Rice Mill Business) को शुरू कर सकते हो। शुरुवात में आपको कमर्शियल कनेक्शन की जरुरत नहीं होगी जब आप इस बिज़नस को और आगे बढ़ाना चाहेंगे तब आपको सिंगल फेज के कमर्शियल कनेक्शन की जरुरत होगी। इस मशीन में बिजली की खपत लगभग 1.5 यूनिट प्रति घंटे की होती है।


राइस मिल मशीन की वार्रेंटी & मेंटेनेंस (Electricity Connection)

इस मिनी राइस मशीन (Mini Rice Mill Hindi) की खास बात यह है की यह एक अच्छी क्वालिटी की सेमी आटोमेटिक मशीन है। जिसमे अच्छी क्वालिटी का मोटर लगा हुआ है। जिसकी वार्रेंटी आप आल इंडिया अपने शहर में ले सकते है। इस मशीन में खास मेंटेनेंस की आवश्यकता नहीं होती है आपको समय-समय पर साफ सफाई और ओइलिंग ग्रिशिंग करने की आवश्यकता होगी।


राइस मिल बिज़नस की लाइसेंस (Electricity Connection)

शुरुवात में आपको इस राइस मील/ मसाला मील/ आटा चक्की बिज़नस को स्टार्ट करने के लिए आप लाइसेंस की जरुरत नहीं होगी यह एक घरेलु बिज़नस (Best gharelu Business) है, जिसे आप अपने घर से ही शुरू कर सकते है, और आमदनी ले सकते है। यदि आपका राइस मील बिज़नस (Rice Mill) सक्सेस होने लगे और इसमें आप प्रोडक्शन करके राइस, मसाला आटा की सेल करना चाहेंगे। तो बाद में सबसे पहले उद्योग आधार या भारत सरकार के MSME के अंतर्गत व्यापार को रजिस्टर कराना होगा। बिज़नस को सुचारू रूप से चलाने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस, फर्म का करंट अकाउंट, पैन कार्ड इत्यादि की आवश्यकता होगी।


राइस मिल बिज़नस में रिस्क (Rice Mill Risk)

हमारी एक बात और ध्यान से सुने, जिस प्रोडक्ट की आपको अच्छे से जानकारी हो और आपके एरिया में उसकी बहुत अधिक डिमांड हो वही बिज़नस शुरू करें। पहले आप अपनी मार्केट बनाओ। नफे / नुकसान का अनुमान लगाओ। उसके बाद ही मशीन ख़रीदो। अगर बिना सोचे समझे किसी भी बिज़नस में हाथ डालोगे तो बिज़नस से नुकसान भी हो सकता है। वैसे तो यह राइस मील/ मसाला मील/ आटा चक्की बिज़नस बारहों महिना चलने वाला बिज़नस है, पर आप अपने एरिया में सर्वे करके ही बिज़नस शुरू करे और इनसे अच्छी खासी कमाई कर सके।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख 3 in 1 राइस मील/ मसाला मील/ आटा चक्की बिज़नस3 in 1 Combined Rice Mill Machine + masala Grinder + Flour Mill आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख राइस मील बिज़नस (Rice Mill Business Hindi) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें। ताकि वो भी इस चावल मील/मसाला मील/आटा चक्की New Rice business ideas को अपने एरिया में शुरू करके अच्छी मुनाफा ले सके।

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट nayabusiness.com एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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Start LED Bulb Manufacturing Business Hindi / गाँव में 5 हजार से शुरू करें एलईडी लाइट की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस

दोस्तों! आज हम एलईडी लाइट की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस (LED Bulb Manufacturing Business Hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसमें हम LED Light manufacturing Business (लो इन्वेस्टमेंट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस) को समझायेंगे। एलईडी बल्ब बनाने के बिज़नस को आप अपने गाँव में शुरू करे सकते है यह वर्तमान में गाँव के लिए बेस्ट बिज़नस आइडियाज (Best Business Ideas) है, जिसे आप कम पैसे में घर से शुरू कर सकते है। इस एलईडी लाइट की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस की खास बात यह है की इसे आप केवल 5000 रूपये से शुरू करके अच्छी आमदनी ले सकते है साथ ही इसे आप पार्ट टाइम के रूप में या फुल टाइम दोनो रूप में कर सकते है।

Contents:-


एलईडी बल्ब की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस (LED Bulb Manufacturing Business Hindi)

दोस्तों LED बल्ब का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाकर लाखों रूपये कमाए जा सकते है। यदि आप LED बल्ब का मैन्युफैक्चरिंग शुरू करना चाहते है तो केवल 5 हजार रूपये के इन्वेस्टमेंट में इस बिज़नस को शुरू कर सकते है। प्रधानमंत्री जी के उज्जवला योजना के चलते LED लाइट की डिमांड काफी बढ़ गया है आपने देखा होता सभी घरों में प्रायः LED लाइट का इस्तेमाल किया जाता है।

LED_light_manufacturing_Process

आज के समय में सभी घरों में LED बल्ब का ही उपयोग किया जाता है जिसके कारण इसका मार्किट साल भर बना रहता है। अतः आप LED बल्ब का मैन्युफैक्चरिंग (LED Light Manufacturing) करके अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।


एलईडी लाइट कैसे बनता है? (LED Light Making Process)

दोस्तों एलईडी लाइट बनाने का प्रोसेस 5 स्टेप में होता है। जो दो अलग-अलग मशीन और टूल के माध्यम से किया जाता है। एलईडी लाइट बनाने के लिए पहले स्टेप में LED बल्ब की प्लास्टिक बॉडी को लेते है और उसमें RC ड्राईवर को डाल दिया जाता है। अब RC ड्राईवर के उपर हीट सिंक को रखा जाता है और ड्राईवर के वायर को बाहर निकाल दिया जाता है। उसके बाद हीट सिंक और LED बल्ब की प्लास्टिक बॉडी को मशीन की सहायता से प्रेस करके दबा दिया जाता है। जिससे हीट सिंक LED बल्ब में अच्छे से सेट हो जाता है।

अब दुसरे स्टेप में विडियो के अनुसार RC ड्राईवर को LED में PCB में सोल्डिंग किया जाता है। यह काम बहुत ही सावधानी पूर्वक करना होता है। यदि आपको सोल्डिंग करने नहीं आता है तो आप 2 से 3 दिन की ट्रेनिंग लेकर इस कार्य को सिख सकते है। विडियो में जो ये सर्किट दिख रहा है इसे ही RC ड्राईवर कहा जाता है और जिसमे एलईडी लाइट लगा रहता है उसे हम एलईडी लाइट की MCPCB कहते है।

विडियो के अनुसार दोनों स्टेप पूरा होने के बाद तीसरे स्टेप में LED बल्ब की प्लास्टिक बॉडी में बल्ब के होल्डर को पंचिंग मशीन की सहायता से लगाया जाता है। अब LED बल्ब में जो वायर निकला हुआ है उसे कट करके होल्डर में सोल्डिंग किया जाता है। जब आप सोल्डिंग का काम पूरा कर लेते है तो इसके बाद टेस्टिंग प्रोसेस किया जाता है जिसमे हम LED बल्ब को टेस्ट करते है की बल्ब सही से जल रहा है या नहीं।

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टेस्टिंग पूरा होने के बाद चौथे स्टेप में डिफ्यूजर को LED बल्ब में फीट किया जाता है डिफ्यूजर प्लास्टिक कटोरी जैसा होता है तो LED लाइट को बहार से प्रोटेक्ट करता है और लाइट को फैलता है। जिससे बल्ब की रोशनी बढ़ जाती है।

अब पांचवे और लास्ट स्टेप में हम बल्ब को विडियो के अनुसार पैक कर देते है और वह बिकने के लिए तैयार हो जाता है। यदि हम एक बल्ब को तैयार करने की टोटल कास्ट की बात करें तो 7 वाट की एलईडी लाइट को आप 10 से 12 रूपये में तैयार कर सकते है।


एलईडी लाइट की डिमांड (LED Bulb Demand)

दोस्तों एलईडी लाइट का उपयोग घर के अन्दर और बाहर दोनों जगह किया जाता है। और आपने देखा होगा अपने घर तथा अपने आस पास के प्रत्येक घर में कम से कम 10 एलईडी लाइट का उपयोग किया जाता है। इनके अलावा आज मार्किट में विभिन्न प्रकार के एलईडी लाइट जैसे मून लाइट, टी लाइट, ट्यूब लाइट, सजावटी लाइट और कंसिल उपलब्ध है। एलईडी लाइट बिज़नस (LED Light Business) के अंतर्गत कई प्रकार के लाइट मैन्युफैक्चरर किये जाता है। जैसे LED बल्ब CFL बल्ब की तुलना में टिकाऊ और लम्बे समय तक चलने वाला होता है।


मशीन की जानकारी और कीमत

LED बल्ब की मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए 2 मशीन की जरुरत होती है जिसमे पहला पंचिंग मशीन है जो LED बल्ब के कैप को फीट करने के लिए उपयोग किया जाता है। जो आप विडियो में देख रहे है। विडियो में जो पंचिंग मशीन देख रहे है वह 12 पिन की हैवी पंचिंग मशीन है। इसकी कीमत 500 रूपये से शुरू होती है जिसे आप इंडियामार्ट वेबसाइट से मंगा सकते है।

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दूसरी मशीन LED बल्ब टिक्की प्रेस्सिंग मशीन होती है जो विडियो के अनुसार टिक्की को LED बल्ब में प्रेस करके फीट कर देता है। इस मशीन की कीमत 1500 रूपये से शुरू होती है, जिसे भी आप इंडियामार्ट वेबसाइट से मंगा सकते है।


बिज़नस के लिए रॉ मटेरियल (LED Bulb Making Raw Materials)

दोस्त एलइडी बल्ब को तैयार करने के लिए, आपको इन 7 रॉ मटेरियल की जरुरत होगी। जिसका इमेज आपको विडियो में दिखाई दे रहा है जिसमे पहला जो है RC ड्राईवर, दूसरा LED PCB, तीसरा प्लास्टिक बॉडी, चौथा हीट सिंक, पांचवा मेटालिक होल्डर और छटवां डिफ्यूज़र शामिल है।

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एलइडी बल्ब के लिए रॉ मटेरियल

    1. Rectifier Circuit Driver
    2. LED PCB
    3. प्लास्टिक बॉडी
    4. हीट सिंक
    5. कैप या होल्डर
    6. डिफ्यूज़र
    7. पैकेजिंग मटेरियल

एलइडी बल्ब को बनाने के लिए टूलकिट (LED Bulb Making Tool Kits)

दोस्त एलइडी बल्ब को तैयार करने के लिए, आपको इन 6 टूल किट की जरुरत होगी। जिसका इमेज आपको दिखाई दे रहा है जिसमे पहला जो है सोल्डरिंग आयरन, दूसरा सोल्डरिंग आयरन, तीसरा रांगा वायर, चौथा वायर कटर, पांचवा टेस्टर और छटवां मल्टी मीटर शामिल है। इस सभी टूल किट को आप अमेजन या फ्लिप कार्ड से केवल 500 रूपये में खरीद सकते है।

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एलइडी बल्ब को बनाने के लिए टूलकिट

    1. सोल्डरिंग आयरन
    2. सोल्डरिंग आयरन
    3. रांगा वायर
    4. वायर कटर
    5. कैप या होल्डर
    6. टेस्टर
    7. मल्टी मीटर

एलइडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस की लागत (Investment)

दोस्तों हमारे द्वारा दिखाए गए LED बल्ब बनाने के दोनों मशीन की कीमत (LED Light Making Machine Price)लगभग 2000 रूपये है। इनके अलावा टूल किट आपको 500 रूपये में मिल जायेगा। और यदि आप 2500 रूपये का रॉ मटेरियल खरीदते है तो इस बिज़नस की शुरवात कर सकते है। इस तरह यदि देखा जाये तो केवल 5000 रूपये में आप एलइडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस (LED Bulb Manufacturing Business Hindi) को शुरू कर सकते है।

LED_light_manufacturing_Process


एलइडी बल्ब का उत्पादन (Production)

दोस्तों यह हमारे द्वारा दिखाए गए LED बल्ब मशीन से एक्सपर्ट एक दिन में 500 से 1000 पिस LED बल्ब तैयार किया जा सकता है। साथ ही दोस्तों LED बल्ब का प्रोडक्शन मशीन और उसको ऑपरेट करने वाले कारीगर पर निर्भर करता है। इस बिज़नस में अधिक उत्पादन के लिए आपको तिन से चार व्यक्तियों की जरुरत होगी।


एलइडी बल्ब को कहा बेचें (How to Sell LED Bulb)

LED बल्ब को बेचने के लिए सबसे पहले अपने गाँव और उसके आस-पास के गाँव में संपर्क कीजिए। लोगो के घर घर जाकर अपने प्रोडक्ट का मार्केटिंग कीजिये। आप अपने नजदीकी मार्किट में होल सेलर और छोटे बड़े सभी बिजली शॉप से संपर्क कर सकते है।

इसके अलावा अगर आपका बजट बड़ा है तो अपने ब्रांड के LED बल्ब की advertisement के लिए रेडियो, अख़बार, टीवी, होडिंग एवम् पोस्टर इत्यादि में कर सकते है। जिससे थोड़ी ही दिनों में LED बल्ब बिकने लगेगा।


एलइडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस की कमाई (Profit)

इन दोनों मशीन की मदद से आप महीने के 10 से 15 हजार बल्ब तैयार कर सकते है। हमारे द्वारा बताये गए एलइडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग के रॉ मटेरियल को खरीदने पर आप केवल 7 से 10 रूपये में एक बल्ब को तैयार कर सकते है। और जिसे आप मार्किट में आसानी से 20 से 40 रूपये में सेल कर सकते है। इस तरह देखा जाये तो आप एक बल्ब पर 20 से 30 रूपये की कमाई आसानी से कर सकते है और कम से कम महीने के 30 से 40 हजार की इनकम ले सकते है।


लाइसेंस की जानकारी (LED Bulb Business License)

दोस्तों एलइडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस की शुरुवात करने के लिए आप लाइसेंस की जरुरत नहीं होगी, आप अपने घर से एल इ डी बल्ब बना सकते है। उनको रिपेयरिंग करके बिज़नस शुरू कर सकते है। यदि आपका बिज़नस सक्सेस होने लगे और बाद में यदि आप इस बिज़नस को शॉप या ब्रांड के रूप में शुरू करना चाहते है तो आपको सबसे पहले उद्योग आधार या भारत सरकार के MSME के अंतर्गत व्यापार को रजिस्टर कराना होगा।बिज़नस को सुचारू रूप से चलाने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस, फर्म का करंट अकाउंट, पैन कार्ड इत्यादि की आवश्यकता होगी।


बिज़नस में रिस्क (LED Bulb Business Risk)

दोस्तों, हमारी एक बात और ध्यान से सुने, जिस प्रोडक्ट की आपको अच्छे से जानकारी हो और आपके एरिया में उसकी बहुत अधिक डिमांड हो वही बिज़नस शुरू करें। पहले आप अपनी मार्केट बनाओ. नफे / नुकसान का अनुमान लगाओ. उसके बाद ही मशीन ख़रीदो. अगर बिना सोचे सॅम्झ किसी भी बिज़नस में हाथ डालोगे तो बिज़नस से नुकसान भी हो सकता है. वैसे तो LED बल्ब का मार्किट बारहों महिना चलने वाला बिज़नस है पर आप अपने एरिया में सर्वे करके ही बिज़नस शुरू करे और इनसे अच्छी खासी कमाई कर सके।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख एलईडी लाइट की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नसLED Light Manufacturing Business Plan आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख (LED Bulb Manufacturing Business Hindi) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें। ताकि वो भी इस LED Bulb business ideas को अपने एरिया में शुरू करके अच्छी मुनाफा ले सके।

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट nayabusiness.com एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

Top 10 Manufacturing Business in India

दोस्तों! आज हम इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस आइडियाज (Top 10 Manufacturing Business Hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसमें हम 10 low investment manufacturing Business (लो इन्वेस्टमेंट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस) को समझायेंगे। आज जो १० मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस आपको बताएँगे ये सभी भारत में 2021 के लिए जबरदस्त बिज़नस आइडियाज (Top 10 Manufacturing Business in India) है, जिसे आप कम पैसे में घर से शुरू कर सकते है। इन 10 Manufacturing Business की खास बात यह है की इसे आप पार्ट टाइम के रूप में या फुल टाइम दोनो रूप में कर सकते है।

Contents:-


1. एल्युमिनियम फॉयल मैन्युफैक्चरिंग

यह बिज़नस वर्तमान में सबसे कम कॉम्पिटिशन वाला बेहतरीन बिज़नस है जिसे आप घर से केवल एक लाख रूपये में शुरू कर सकते है। आप सभी को मालूम ही होगा, कि एल्युमिनियम में जंग प्रतिरोधकता और विधुत चालकता बहुत अच्छी होती है। जिसके कारण एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग खाने के चीजो को नमी, बैक्टीरिया से बचाने के लिए किया जाता है। एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग रेस्ट्रोरेन्ट, होटल, पार्टी के अलावा घरों में भी बहुतयात मात्रा में होता है। इनके अलावा दवाई और कॉस्मेटिक्स के पैकिंग में भी बहुत अधिक उपयोग होता है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

Aluminum Foil Manufacturing Business को शुरू करने के लिए मशीन की जरुरत होगी। जिसकी विभिन्न वेराइटी मार्किट में उपलब्ध है। एल्युमीनियम फॉयल पैकिंग मशीन की कीमत 80 हजार रूपये से शुरू होती है। जिसे आप अपने बजट के अनुसार खरीद सकते है। इनके अलावा आपको रॉ मटेरियल में एल्युमीनियम फॉयल का रोल खरीदने की जरुरत होगी जो 200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से मार्केट में उपलब्ध है।

आप एल्युमीनियम फॉयल पैकिंग बिज़नस को आप अपने घर से ही शुरू कर सकते है। और यदि आपको इस बिज़नस की अधिक जानकारी चाहिए तो आप हमारे YouTube चैनल Computervidya में विजिट करके अधिक जानकारी ले सकते है।


2. कोरगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग

यदि आपके पास बजट का दिक्कत नहीं है तो आप कोरगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग मशीन की उपयोग करके आप विभिन्न साइज़ के कार्टून बनाकर स्वयं का बिज़नस शुरू करके अच्छा प्रॉफिट ले सकते है। वर्तमान में यह बिज़नस बहुत ही प्रॉफिटेबल और यूनिक बिज़नस आइडियाज है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

आप सभी जानते है की कार्टून बॉक्स एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसके बिना किसी भी सामान का पैकिंग अधुरा होता है। छोटे से सामग्री से लेकर टीवी फ्रिज सभी सामानों की पैकिंग के लिए कार्टून बॉक्स का प्रयोग किया जाता है। आज के समय में 80% इंडस्ट्रीज अपने प्रोडक्ट की पैकिंग के लिए कार्टून बॉक्स का प्रयोग करता है। तो दोस्तों आप खुद ही समझ सकते है की कोरगेटेड बॉक्स की डिमांड कितनी होगी।

यदि आप भी अपने एरिया में कोरगेटेड बॉक्स की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस शुरू करते है तो 6 मशीन की जरुरत होगी। जिसमे पहला कोरगेटेड मशीन, दूसरा प्रिंटिग मशीन, तीसरा शीट कटिंग मशीन, चौथी पेस्टिंग मशीन, पांचवी पंचिंग और डाई कटिंग मशीन और छटवी स्टिचिंग मशीन शामिल है। इन मशीन की पुरे सेटअप की कीमत लगभग 15 से 20 लाख रूपये तक होती है। इनके अलावा आपको अन्य खर्चो के लिए 5 से 10 लाख रूपये की जरुरत पढेगी।

कोरगेटेड बॉक्स की मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस स्टार्ट करके अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। यह बिजनेस स्टार्ट करने के लिए आपको थोड़ा ज्यादा निवेश करना पड़ेगा। लेकिन यह बिजनेस स्टार्ट करके आप बहुत बड़े Area को कवर कर सकते हैं।


3. पेपर कप मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस

दोस्तों आप सभी जानते है प्लास्टिक पर बैन लग चूका है। प्लास्टिक के कप में चाय पिने और कोई भी गरम चीज डालने पर प्लास्टिक से केमिकल निकलता है। जिनसे शरीर में कई तरह की बीमारी लग सकती है। और वर्तमान में लोग स्वास्थ के प्रति जागरूक भी है। इसलिए सभी जगह जैसे होटल, रेस्ट्रोरेन्ट एवम् छोटे बड़े फंक्शन में पेपर कप का इस्तेमाल किया जाता है जिसके कारण इसकी मांग बाजार में साल भर बनी रहती है। और खासकर शादी एवम् फंक्शन में इसकी डिमांड काफी अधिक रहती है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

यदि आप भी पेपर कप मेकिंग बिज़नस (Paper Cup Making Business) शुरू करना चाहते है तो इसके लिए आपको विडियो में देखाई देने वाली पेपर कप मेकिंग मशीन की जरुरत होगी। जिसकी कीमत 2 लाख रूपये से शुरू होती है। इस बिज़नस में दो प्रकार के रॉ मटेरियल की जरुरत होती है। जिसमे ITC का पेपर होता है जो कटी कटाई पिस आती है। अलग अलग साइज़ के पेपर के लिए आलग-अलग पेपर आती है। यह 70 रूपये से लेकर 100 रूपये/ kg में आता है।

ये मशीन एक घंटे में 3200 पिस पेपर कप तैयार कर सकता है। जिसमे एक पेपर कप बनाने में आपको 31 पैसे का खर्च आता है। आप इसे अपने मार्किट में 40 से 45 पैसे में सेल कर सकते है। इस तरह इस मशीन में एक घंटे में आप 400 से 500 रूपये तक की कमाई कर सकते है। इस तरह आप सारा मेंटेनेंस कास्ट और रॉ मटेरियल कास्ट हटा कर एक महीने में 70 से 80 हजार तक की कमाई कर सकते है।

यदि आप भी पेपर कप मेकिंग बिज़नस करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने पेपर कप बिज़नस की पूरी जानकारी दी है।


4. मेडिकल बैंडेड मैन्युफैक्चरिंग

यदि बिज़नस के नजरिये से देखे तो स्वास्थ से जुड़े सभी बिज़नस एक बहुत ही प्रॉफिटेबल बिज़नस है। जिसमें सर्जिकल बैंडेड एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसकी डिमांड घरों, हॉस्पिटल और मेडिकल स्टोर में हमेशा बनी रहती है। यदि आपके पास भी 4 लाख रूपये का बजट है तो आप सर्जिकल बैंडेड का मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

इस बिज़नस को शुरू करने के लिए आपको दो मशीन की जरुरत होगी जिसमे पहला रुल्ड/रूलिंग मशीन और दूसरा कत्तिंग मशीन जो आप विडियो में देख रहे है। जिनकी कीमत 3 लाख रूपये से शुरू होती है। रॉ मटेरियल के रूप में कपडे का पूरा थान आता है जो 5 रूपये प्रति मीटर से शुरू होती है। जिसे आप रूलिंग मशीन में फोल्ड करके कत्तिंग मशीन से काटते है। सर्जिकल बैंडेड बनाकर आप भी 10 से 12 रूपये प्रति किलो के हिसाब से प्रॉफिट ले सकते है।


5. किल मेकिंग बिज़नस

यदि आप कुछ ऐसा बिज़नस ढूढ़ रहे है जो बहुत ही यूनिक बिज़नस हो, तो किल मेकिंग बिज़नस आपके लिए बहुत ही अच्छा है। आप अपने घर में ही किल मैन्युफैक्चरिंग मशीन लगाकर इसका उत्पादन कर सकते है। किल का उत्पादन करके आप अपने एरिया के आसपास घरों में, कारपेंटर शॉप, हार्डवेयर शॉप इत्यादि में सप्लाई करके अच्छा प्रॉफिट ले सकते है।

कील बिज़नस को शुरू करने के लिए आपको 4 मशीन की जरुरत होगी जिसमे कटर मशीन, HB स्टैंड, ग्राइंडर और पॉलिशर शामिल है जो आप विडियो में देख सकते है। इनके पुरे सेटअप की कीमत 2 लाख रूपये से शुरू होती है। इनके अलावा आपको रॉ मटेरियल के रूप में HB वायर की जरुरत होगी। जो 30 रूपये प्रति किलो के हिसाब से मार्केट में मिल जाता है। इस बिज़नस की पूरी जानकारी के लिए आप हमारे चैनल में विजिट करें।


6. नोटबुक मेकिंग बिज़नस

दोस्तों, Small Industries से जुड़ा एक Popular Business नोटबुक मैन्युफैक्चरिंग का है। इस बिज़नस की खास बात यह है की नोटबुक, कॉपी, रजिस्टर, रिकॉर्ड बुक की डिमांड हर जगह बनी रहती है। चाहे स्कूल हो या ऑफिस इसकी डिमांड हर जगह बनी रहती है यहाँ तक की घरों में कई काम के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

इस बिज़नस को शुरू करने के लिए आप नोटबुक मशीन की जरुरत होगी जो विभिन्न वेरिएटी में आती है जिनकी कीमत भिन्न – भिन्न होती है। नोटबुक मेकिंग मशीन तिन मशीन का सेट होता है पहला नोटबुक cutting मशीन दूसरा edge square मशीन और तीसरा निप्पिंग मशीन होती है। प्रायः नोटबुक मेकिंग मशीन की कीमत 80 हजार रूपये से शुरू हो जाती है।

वर्तमान में कई छोटे-बड़ी कंपनीयां नोटबुक/कॉपी का मैन्युफैक्चरिंग करके अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे है। ऐसे में आप भी इस बिज़नस को शुरू करके अच्छी खासी कमाई कर सकते है। यदि आप भी नोटबुक बिज़नस (notebook making business) करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने नोटबुक बिज़नस की पूरी जानकारी दी है।

 


7. सीमेंट ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग

यदी आप कुछ ऐसा बिज़नस ढूढ़ रहे है, जिसमे लागत बहुत कम और प्रॉफिट बहुत अधिक हो, तो सीमेंट ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस (Cement Bricks Manufacturing Business Hindi) आपके लिए बहुत ही अच्छा है। क्योकि आज के समय में हर कोई पक्के मकानों में रहना चाहता है तथा हर कोई पक्के मकान बनाता है इन मकानों को बनवाने के लिए ईट की आवश्यकता पड़ती है अगर आप ईट बनाने का बिजनेस स्टार्ट करेंगे तो केवल 50 हजार के मशीन से आप सीमेंट ब्रिक्स मेकिंग बिज़नस को शुरू कर सकते है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

हम विडियो में आपको केवल 50 हजार के सीमेंट ब्रिक्स मेकिंग (Cement Bricks Making Machine) मशीन दिखा रहे है जिसे आप मंगा कर आपना स्वयं का बिज़नस शुरू कर सकते है। यह बिजनेस आप गांव में बहुत आसानी से शुरू कर सकते हैं आप महीने में 50 से 80 हज़ार के बीच शुरुवात में कमा सकते हैं।

यदि आप भी सीमेंट ब्रिक्स बिज़नस करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने सीमेंट ब्रिक्स बिज़नस की पूरी जानकारी दी है।


8. LED बल्ब मैन्युफैक्चरिंग

दोस्तों LED बल्ब का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाकर लाखों रूपये कमाए जा सकते है। यदि आप LED बल्ब का मैन्युफैक्चरिंग शुरू करना चाहते है तो केवल 20 हजार रूपये के इन्वेस्टमेंट में इस बिज़नस को शुरू कर सकते है।

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आज के समय में सभी घरों में LED बल्ब का ही उपयोग किया जाता है जिसके कारण इसका मार्किट साल भर बना रहता है। अतः आप LED बल्ब का मैन्युफैक्चरिंग करके अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।

अगर आप अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी अच्छी बनाएंगे तो आप इस बिजनेस में बहुत ज्यादा आगे जा सकते हैं। इस बिजनेस में आपको अपने आसपास के area को cover करना है और उनसे कांटेक्ट कर के अपने सामान को डिलीवर करना है यह बिजनेस करके आप अच्छा खासा पैसा तो कमा ही सकते हैं।
दोस्तों आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको कौन सा बिजनेस आइडिया सबसे अच्छा लगा तथा आपकी रुचि किस बिजनेस में है।


9. अगरबत्ती मेकिंग बिज़नस

दोस्तों हमारे देश में सभी समुदायों के द्वारा अगरबत्ती का उपयोग किया जाता है और अगरबत्ती एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसका इस्तेमाल, घर में रोजाना होने के कारण, इसकी मांग बाजार में साल भर बनी रहती है। और खासकर त्यौहारों एवम् धार्मिक स्थलों में इसकी डिमांड काफी अधिक रहती है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

अगरबत्ती मेकिंग बिज़नस (agarbatti making Business) को शुरू करने के लिए आपको अगरबत्ती मशीन की जरुरत होगी। जिसमे विभिन्न वेराइटी आती है। यदि हम मैन्युअल मशीन की बात करे तो यह 10 से 12 हजार रूपये में मिल जाती है। वैसे तो बहुत से वेराइटी में मशीन उपलब्ध है आप अपने बजट के अनुसार मशीन खरीद कर बिज़नस शुरू कर सकते है।

दोस्तों इस बिज़नस की अधिक जानकारी के लिए आप हमारे YouTube चैनल Computervidya में आइये। वहां पर हमने अगरबत्ती बिज़नस की पूरी जानकारी दी है। आप उस विडियो को देखकर इस बिज़नस को अच्छे से समझ सकते है।


10. कैंडल मेकिंग बिज़नस

यदि आप कम पैसे में मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस शुरू करना चाहते है तो कैंडल मेकिंग बिज़नस (Candle Making Business) बहुत ही जबरदस्त बिज़नस आइडियाज है जिसे आप केवल 10000 रूपये की लागत में शुरू कर सकते है। इस बिज़नस को कोई भी कम पढ़ा लिखा, नॉन टेक्निकल नॉन टेक्निकल व्यक्ति भी असानी से शुरू कर सकता है। घरेलु महिलाएं समूह के रूप में या अकेले भी शुरू कर सकती है।

इंडिया में सबसे ज्यादा चलने वालें 10 बेस्ट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस / Top 10 Manufacturing Business in India

मोमबत्ती बनाने के लिए तिन चीजों की जरुरत होती है पहला मोम, दूसरा धागा और तीसरा मोमबत्ती बनाने की डाई अर्थात सांचा है। जो आपको विडियो में दिखाई दे रहा है। इन सभी चीजो को आप, विडियो के डिस्क्रिप्शन में दिए विक्रेता के नंबर से मंगा सकते है। जिनकी कीमत केवल 5 हजार रूपये है।

यदि हम कैंडल बिज़नस में प्रॉफिट की बात करें तो आप प्रतिदिन 2000 से 3000 रूपये असानी से कमा सकते है। इसकी पूरी जानकारी के लिए आप हमारें YouTube चैनल Computervidya में विजिट करें।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख Top 10 Manufacturing Business Hindi आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख ( Top 10 Manufacturing Business in India) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें। ताकि वो भी इस 10 Manufacturing business ideas को अपने एरिया में शुरू करके अच्छी मुनाफा ले सके।

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट nayabusiness.com एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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Noodle Making Business in Hindi | नूडल बिज़नस कैसे शुरू करें?

Noodle Making Business in Hindi

दोस्तों! आज हम नूडल मेकिंग बिज़नस (Noodle Making Business in Hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसमें नूडल बिज़नस प्लान (Noodle Business Plan) को समझायेंगे। नुडल बनाने का बिज़नस 2021 के लिए जबरदस्त बिज़नस आइडियाज है, जिसे आप कम पैसे में घर से शुरू कर सकते है। Noodle Manufacturing Business की खास बात यह है की इसे आप पार्ट टाइम के रूप में या फुल टाइम दोनो रूप में कर सकते है।

अतः नुडल बिज़नस की पूरी जानकारी के लिए आप पूरा पोस्ट को जरुर पढ़े। इस पोस्ट में हम आपको नुडल मेकिंग बिज़नस की लागत, नुडल बिज़नस प्रॉफिट, मशीन, रॉ मटेरियल, मार्केटिंग, लाइसेंस और नूडल बिज़नस में रिस्क के बारें में विस्तार से बताएँगे।


नूडल बिज़नस की डिमांड

आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ो तक सभी फास्टफूड खाना पसंद करते है। फास्टफूड में नुडल का एक अपना जगह है जिसे गाँव-शहर सभी जगह में खूब खाया जाता है। अतः नुडल की डिमांड बारहों महिना बनी रहती है। आजकल छोटे-छोटे फंक्शन जैसे बर्थडे, मीटिंग, एंव शादी पार्टी इत्यादि में नुडल की डिमांड काफी अधिक होती है जिसके कारण इसका बिज़नस काफी फायदेमंद है।साथ ही नुडल को सभी मौसम में खाया जाता है जिसके कारण इसका बिज़नस बारहों महिना चलने वाला बिज़नस है।

Noodle Making Business in Hindi | नूडल बिज़नस कैसे शुरू करें?


नुडल बनाने की मशीन (Noodle Making Business in Hindi)

नुडल बनाने के लिए मुख्यतः 3 मशीन का उपयोग किया जाता है।

    1. डफ्लर मशीन – आटा/मैदा गुथने की मशीन
    2. नुडल कटर मशीन – नुडल काटने की मशीन
    3. स्ट्रीम मशीन – नूडल को भाप में सुखाने की मशीन
    4. पैकेजिंग मशीन – लेमिनेशन मशीन और तराजू

नूडल बनाने का प्रोसेस

नूडल को असानी से घर में ही बनाया जा सकता है। नूडल बनाने का प्रोसेस बहुत ही असान है, जिसके पूरी जानकारी के लिए हमारा यह विडियो जरुर देखे। जिसमे हमने नुडल बनाने के पुरे प्रोसेस को दिखाया है। साथ ही नूडल फैक्ट्री की विभिन्न जानकारी भी दिया है।


नूडल मशीन की कीमत

दोस्तों वर्तमान में noodle making machine की विभिन्न वैरायटी मार्किट में उपलब्ध है। जिनकी कीमत 10 हजार रूपये से शुरू होती है। लेकिन यदि आप नूडल बिज़नस के लिए हैवी ड्यूटी मशीन खरीदना चाहते है, तो यह 50 हजार से शुरू हो जाती है।

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हमने जो विडियो में नूडल मेकिंग मशीन दिखाया है, उनकी पुरे सेटअप की कीमत 75 हजार रूपये है। वह तिन मशीन का सेटअप है, जिसमे डफ्लर मशीन की कीमत 25 हजार रूपये, नूडल कटर मशीन की कीमत 40 हजार रूपये और स्ट्रीम मशीन की कीमत 20 हजार रूपये है।


नूडल मेकिंग मशीन को कैसे ख़रीदे

हमारी सलाह यदि माने, तो आप सबसे पहले noodle making machine को अपने लोकल मार्किट में सर्च करें। अपने नजदीक के शहर से खरीदने का प्रयास करें। इसके लिए आप Indiamart वेबसाइट की मदद ले सकते है। यदि आप विडियो में दिखाए मशीन को खरीदना चाहते है तो मैंने मशीन सेलर का नंबर विडियो के डिस्क्रिप्शन में दे दिया है।


नूडल बिज़नस की लागत

यदि आप नुडल बिज़नस को घर से शुरू करना चाहते है, तो घर पर नूडल मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस सेटअप करने की कुल लागत लगभग 50 हजार रूपये से लेकर एक लाख तक हो सकती है। यह लागत आपके मशीन की कीमत पर डिपेंड करता है। यदि आप ऑटोमैटिक नूडल मशीन खरीदना चाहते है, तो यह लागत और भी अधिक हो सकती है।

यदि आप नूडल बिज़नस को शॉप से शुरू करना चाहते है तो उनका खर्च और भी अधिक होगा। यह आप जिस शहर के अन्दर खोलना चाहते है, उसके उपर डिपेंड करेगा।


नुडल बिज़नस में रॉ मटेरियल

इस बिज़नस में रॉ मटेरियल की बात करें तो मुख्यतः केवल मैदा की जरुरत होती है। जिससे आप नुडल बना सकते है। लेकिन इनके अलावा स्टार्च, सोडियम बाई कार्बोनेट, खाने के रंग, नमक और पैकेजिंग इत्यादि की जरुरत होती है।


नूडल का उत्पादन

दोस्तों विडियो में हमने जो मशीन दिखाया है, वह मशीन एक घंटे में 100 kg नुडल का उत्पादन कर सकता है। यदि आप एक दिन में 8 घंटे कार्य करते हो, तो आप आसानी से 600 से 800 kg का उत्पादन असानी से कर सकते हो। साथ ही दोस्तों बिज़नस में प्रोडक्शन, मशीन और कारीगर पर डिपेंड करता है अधिक उत्पादन के लिए आप अधिक क्षमता वाले मशीन का प्रयोग कर सकते है।

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नूडल को कहा बेचें

नूडल को बेचने के लिए आप अपने नजदीकी मार्किट में होल सेलर और छोटे बड़े सभी दुकानदारों से संपर्क कर सकते है। या आप कुछ एजेंट रखकर घर घर में डिलीवरी करा सकते है। इसके अलावा अगर आपका बजट बड़ा है तो अपने ब्रांड के पेपर कप की advertisement के लिए अख़बार और टीवी में ऐड दे सकते है। जिससे थोड़ी ही दिनों में आपका नूडल बिकने लगेगा।


नूडल बिज़नस में कमाई

दोस्तों ये विडियो में दिखाई गयी मशीन एक घंटे में 100kg नूडल को तैयार कर सकता है। जिसमे एक किलो नुडल को बनाने में कुल खर्च आपको 25 रूपये का आता है। जिसे आप अपने मार्किट में 40 रूपये में सेल कर सकते है। इस तरह आप एक किलो नुडल में 15 रूपये की प्रॉफिट ले सकते है।

यह मशीन एक घंटे में 100 किलो नुडल तैयार कर सकता है अर्थात 100* 15 = 1500 रूपये की प्रॉफिट एक घंटे में होगी। यदि आप एक दिन में 6 घंटे भी कार्य करते है तो आप दिनभर में 9000 रूपये की कमाई आसानी से कर सकते हो।


नूडल मशीन के लिए इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन

विडियो में दिखाई गयी मशीन पर 2 HP का मोटर लगा हुआ है। यह मशीन सिंगल फेस इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन पर चल जाता है और आप अपने घर के इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन पर इस नूडल मशीन को चला सकते हैं। और यदि आप चाहें तो इसके लिए कमर्शियल कनेक्शन लेकर इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं।


नूडल मेकिंग बिज़नस की लाइसेंस

दोस्तों, यदि आप नूडल मेकिंग बिज़नस को छोटे पैमाने में शुरू करना चाहते है तो आपको सबसे पहले उद्योग आधार या भारत सरकार के MSME के अंतर्गत व्यापार को रजिस्टर कराना होगा। बिज़नस को सुचारू रूप से चलाने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस, फर्म का करंट अकाउंट, पैन कार्ड इत्यादि की आवश्यकता होगी।


नूडल मेकिंग बिज़नस में रिस्क

दोस्तों, हर बिज़नस की तरह इस नूडल मेकिंग बिज़नस में भी कुछ रिस्क है दोस्तों नूडल मशीन (Noodle Making Business in Hindi) को खरीदने से पहले, नूडल बिज़नस को शुरू करने से पहले, पूरी तरह से inquiry कर ले और नफे/नुकसान का अनुमान लगा ले, उसके बाद ही बिज़नस को शुरू करें।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख Noodle Making Business आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख ( Noodle Business Ideas Hindi ) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें। ताकि वो भी इस new business ideas को अपने एरिया में शुरू करके अच्छी मुनाफा ले सके।

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट nayabusiness.com एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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What is Interpreter in hindi? इंटरप्रेटर क्या है? समझाइए।

दोस्तों! आज हम इंटरप्रेटर क्या है? (What is interpreter in hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसमें इंटरप्रेटर के कार्य (interpreter work hindi) के साथ-साथ इंटरप्रेटर के विशेषताएं (advantage) और इंटरप्रेटर की कमियाँ (disadvantage) को समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम इंटरप्रेटर से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे compiler एवम् assembler के बारें में बताऊंगा।

इंटरप्रेटर क्या है? What is interpreter in Hindi

Interpreter एक प्रकार का Computer Program है जो ट्रांसलेटर का कार्य करता है। दुसरे शब्दों में कहे तो इंटरप्रेटर एक प्रकार का ट्रांसलेटर है तो हाई लेवल लैंग्वेज (High level Language) को निम्न लेवल लैंग्वेज (low level language) में ट्रांसलेट करता है। लो लेवल लैंग्वेज को ही मशीन लेवल लैंग्वेज कहा जाता है। अर्थात इंटरप्रेटर एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो हाई लेवल लैंग्वेज (PHP/Perl/Ruby etc.) में लिखे गए प्रोग्राम को मशीन लेवल लैंग्वेज (target/machine) में कन्वर्ट करता है।

interpreter in hindi

उदाहरण :- मान लीजिये आप हिंदी बोलते हो, आपको इंग्लिश नहीं आता है. ऐसे में यदि सामने वाला केवल इंग्लिश बोलता और समझता है। तो आपको उनसे बात करने के लिए एक ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ेगी जिनके हेल्प से आप सामने वाले से बात कर पाएंगे।

इसी प्रकार कंप्यूटर केवल मशीन भाषा को समझता है उसे केवल 0 और 1 की भाषा समझ आता है। लेकिन प्रोग्रामर या यूजर को केवल इंग्लिश या हिंदी समझ आता है। ऐसे में कंप्यूटर और प्रोग्रामर के बिच कम्युनिकेशन के लिए ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ती है। जिसे इंटरप्रेटर कहा जाता है। मशीन लैंग्वेज को ही लो लेवल लैंग्वेज कहा जाता है।

इंटरप्रेटर कैसे कार्य करता है?

इंटरप्रेटर में सोर्स कोड, प्री-कम्पाइल्ड कोड और स्क्रिप्ट शामिल होते है, जिसके कारण प्रोग्राम को कम्पाइल करने की जरुरत नहीं होती है, वह डायरेक्टली रन होती है। इंटरप्रेटर हाई लेवल लैंग्वेज (PHP/Perl/Ruby etc.) में लिखे गए प्रोग्राम को लो लेवल लैंग्वेज (machine code) में कन्वर्ट करता है। अर्थात इंटरप्रेटर यूजर/प्रोग्रामर और कंप्यूटर के बिच में इंटरफ़ेस का कार्य करता है।

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प्रोग्रामर जब किसी भी हाई लैंग्वेज जैसे PHP/Perl/Ruby इत्यादि में प्रोग्राम लिखता है। और उसे execute करता है तो सबसे पहले वह इंटरप्रेटर के पास जाता है। उसके बाद इंटरप्रेटर उस source code को लाइन बाई लाइन रन करके कंप्यूटर को देता है। यदि प्रोग्राम में एरर हो तो प्रत्येक लाइन के सामने एक एक करके एर्रो को दिखाता करता है। इंटरप्रेटर एक बार में केवल एक लाइन को ट्रांसलेट करता है इसलिए इसे लाइन बाई लाइन ट्रांसलेटर भी कहा जाता है जबकि कम्पाइलर पुरे प्रोग्राम को एक बार में एक साथ ट्रांसलेट करता है।

इंटरप्रेटर की विशेषताएं (Advantage)

    1. इंटरप्रेटर में सोर्स कोड, प्री-कम्पाइल्ड कोड और स्क्रिप्ट शामिल होते है, जिसके कारण प्रोग्राम को कम्पाइल करने की जरुरत नहीं होती है, वह डायरेक्टली रन होती है।
    2. जिनको प्रोग्रामिंग का ज्ञान कम है और जो अभी शुरवाती लेवल में सिख रहे है, उनके लिए अन्य ट्रांसलेटर की तुलना में इंटरप्रेटर का उपयोग करना बहुत ही असान है।
    3. डेवलपमेंट एनवायरनमेंट और प्रोग्राम के लिए इंटरप्रेटर बेस्ट आप्शन है।
    4. प्रोग्राम में एरर आने पर प्रत्येक लाइन के सामने एक-एक करके दिखता है जिससे एरर को solve करना बहुत ही असान हो जाता है।
    5. विभिन्न हाई लेवल लैंग्वेज जैसे PHP, Perl और Ruby में इंटरप्रेटर का उपयोग होता है।

इंटरप्रेटर की कमियाँ (Disadvantage)

    1. यह एक समय में केवल एक लाइन को ही ट्रांसलेट करता है जिसके कारण पुरे प्रोग्राम को ट्रांसलेट करने में समय लगता है।
    2. अन्य ट्रांसलेटर जैसे compiler की तुलना में यह स्लो कार्य करता है।
    3. डेवलपमेंट एनवायरनमेंट और प्रोग्राम के लिए इंटरप्रेटर बेस्ट आप्शन है। परन्तु प्रोडक्शन के लिए यह अच्छा आप्शन नहीं है।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख इंटरप्रेटर क्या है ( What is interpreter in hindi) आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख ( interpreter kya hai ) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें।

अब दोस्तों यदि कोई ये इंटरप्रेटर क्या है ? interpreter in hindi से जुड़े तथ्यों की चर्चा करता है इंटरप्रेटर क्या है? (interpreter kya hai) तो आप आसानी से जवाब दे पाएंगे। दोस्तों कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट https://www.nayabusiness.in एवं Youtube चैनल computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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What is compiler in hindi? कम्पाइलर क्या है? विस्तार से समझाइए।

दोस्तों! आज हम कम्पाइलर क्या है? (What is compiler in hindi) के बारे में बात करेंगे। जिसमें कम्पाइलर के कार्य (compiler work hindi) के साथ-साथ कम्पाइलर के विशेषताएं (advantage) और कम्पाइलर की कमियाँ (disadvantage) को समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम कम्पाइलर से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे Interpreter एवम् assembler के बारें में बताऊंगा।

कम्पाइलर क्या है (What is Compiler in Hindi)

Compiler एक computer program है जो ट्रांसलेटर का कार्य करता है। दुसरे शब्दों में कहे तो कम्पाइलर एक प्रकार का ट्रांसलेटर है तो हाई लेवल लैंग्वेज (High level Language) को निम्न लेवल लैंग्वेज (low level language) में ट्रांसलेट करता है।

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Compiler एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो हाई लेवल लैंग्वेज (C/C++/java etc.) में लिखे गए प्रोग्राम को लो लेवल लैंग्वेज (object/target/machine) में कन्वर्ट करता है।

उदाहरण :- मान लीजिये आप हिंदी बोलते हो, आपको इंग्लिश नहीं आता है. ऐसे में यदि सामने वाला केवल इंग्लिश बोलता और समझता है। तो आपको उनसे बात करने के लिए एक ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ेगी जिनके हेल्प से आप सामने वाले से बात कर पाएंगे।

इसी प्रकार कंप्यूटर केवल मशीन भाषा को समझता है उसे केवल 0 और 1 की भाषा समझ आता है। लेकिन प्रोग्रामर या यूजर को केवल इंग्लिश या हिंदी समझ आता है। ऐसे में कंप्यूटर और प्रोग्रामर के बिच कम्युनिकेशन के लिए ट्रांसलेटर की जरुरत पड़ती है। जिसे कम्पाइलर कहा जाता है। मशीन लैंग्वेज को हो लो लेवल लैंग्वेज कहा जाता है।

कम्पाइलर कैसे कार्य करता है?

Compiler एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो हाई लेवल लैंग्वेज (C/C++/java etc.) में लिखे गए प्रोग्राम को लो लेवल लैंग्वेज (object/target/machine) में कन्वर्ट करता है। अर्थात कम्पाइलर यूजर/प्रोग्रामर और कंप्यूटर के बिच में इंटरफ़ेस का कार्य करता है। प्रोग्रामर जब किसी भी हाई लैंग्वेज जैसे C/C++/Java इत्यादि में प्रोग्राम लिखता है। और उसे execute करता है तो सबसे पहले वह कम्पाइलर के पास जाता है। उसके बाद कम्पाइलर उस source code को object code में बदलकर कंप्यूटर को देता है। यदि सोर्स कोड में कोई एरर होता हो तो उसे डिस्प्ले करता है। कम्पाइलर एक बार में पुरे प्रोग्राम को एक साथ ट्रांसलेट करता है। जबकि इंटरप्रेटर और असेम्बलर लाइन बाय लाइन ट्रांसलेट करता है।

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कम्पाइलर की विशेषताएं (Advantage)

    1. compiler पुरे प्रोग्राम को एक साथ स्कैन करके मशीन कोड में ट्रांसलेट करता है। जिसे इंटरप्रेटर एक-एक लाइन करके करता है।
    2. इंटरप्रेटर और असेम्बलर की तुलना में कम्पाइलर तेज ट्रांसलेट करता है।
    3. विभिन्न हाई लेवल लैंग्वेज जसी c, c++ और java में कम्पाइलर का उपयोग होता है।

कम्पाइलर की कमियाँ (Disadvantage)

    1. compiler पुरे प्रोग्राम को scan करने के बाद ही लास्ट में error message देता है। जिसके कारन प्रोग्राम को debug करना थोडा कठिन हो जाता है।
    2. कम्पाइलर object code जेनरेट करता है जिसके कारण अधिक मेमोरी की जरुरत पड़ती है।
    3. पुरे प्रोग्राम के execution time को देखा जाये तो यह थोडा slow होता है।

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How to start Hero Bike Dealership Hindi | हीरो बाइक डीलरशीप कैसे ले?

Hero Bike Dealership Hindi

दोस्तों! आज हम हीरो की बाइक डीलरशीप बिज़नस (bike dealership business) के बारे में बात करेंगे। जिसमें बाइक डीलरशीप प्लान (hero bike dealership Business Plan) को समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम हीरो बाइक डीलरशीप से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे hero bike dealership hindi एवम् bike agency business के बारें में बताऊंगा।

 

यदि आप ऐसे बिज़नस के बारे में सोंच रहे है जिसमे कुछ इन्वेस्टमेंट जरुर हो जाये लेकिन बड़ा बिज़नस-बड़ा मुनाफा और लाखों का income हो तो आपके लिए बाइक डीलरशीप का बिज़नस बेस्ट रहेगा।

बाइक डीलरशीप तो बहुत से कंपनी देते है लेकिन हीरो कंपनी हमारे इंडिया की कंपनी है जो इंडिया ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में टू व्हीलर कंपनी में टॉप ब्रांड में से एक है जो कि इंडिया ही नहीं पुरे विश्व में बहुत बड़े लेवल पर बिज़नस कर रही है।

हीरो कंपनी टू व्हीलर, थ्री व्हीलर, स्पोर्ट्स बाइक और इलेक्ट्रोनिक बाइक बनाती है हो लोगो को बहुत अधिक पसंद आता है। तो दोस्तों यदि आपको भी हीरो कंपनी की बाइक डीलरशीप मिल जाये तो आप भी अपने एरिया में बिज़नस करके अच्छी अर्निंग ले सकते है।

तो दोस्तों आज मै आपको बताऊंगा –

    1. हीरो की बाइक डीलरशीप आप कैसे ले सकते है?
    2. हीरो बाइक डीलरशीप की ऑनलाइन प्रोसेस क्या है?
    3. हीरो बाइक डीलरशीप में टोटल इन्वेस्टमेंट कितना लगेगा।
    4. हीरो बाइक डीलरशीप में आवश्यक डॉक्यूमेंट क्या है।
    5. हीरो बाइक डीलरशीप में आवश्यक जमीन कितना है।
    6. हीरो बाइक डीलरशीप में प्रॉफिट क्या है।

हीरो की बाइक डीलरशीप कैसे ले?

हीरो कंपनी की बाइक डीलरशीप दो तरह से लिया जाता है।

    1. मेन डीलरशीप
    2. सर्विस डीलरशीप

मेन डीलरशीप – यदि आपके पास बड़ी इन्वेस्टमेंट के लिए पर्याप्त जमीन है तो आपको मेन डीलरशीप ही लेना चाहिए। मेन डीलरशीप में आप कंपनी से डायरेक्ट जुड़े रहेंगे। साथ ही आपको बाइक सेलिंग के साथ बाइक के पार्टस की सेलिंग और सर्विसिंग की ऑथरिटी भी रहेगा।

सर्विस डीलरशीप – सर्विस डीलरशीप लेने पर आप कंपनी से डायरेक्ट न जुड़कर मेन डीलरशीप से जुड़े रहेंगे। साथ ही आपको बाइक सेलिंग की ऑथरिटी नही रहेगा। लेकिन आप बाइक के पार्टस सेलिंग के साथ-साथ बाइक सर्विसिंग कर सकते है। बाइक सर्विसिंग के लिए लोग प्रायः सर्विस डीलरशीप के पास ही जाते है न कि मेन डीलरशीप के पास। जो कि सर्विस डीलरशीप का मेन बेनिफिट है।

हीरो बाइक डीलरशीप में इन्वेस्टमेंट

1. मेन डीलरशीप- यदि जमीन आपकी खुद की है। तो शोरूम के इंटीरियर में 30 से 40 लाख रुपये और वर्किंग केपिटल में लगभग 40 से 50 लाख रूपये का खर्च आएगा। इस प्रकार टोटल खर्च लगभग 1 करोड़ के आसपास होगी।

2. सर्विस डीलरशीप- 50 से 60 लाख रूपये के अलावा 3 से 4 लाख रूपये ब्रांड सेक्योरिटी के रूप में देना होता है।

शोरूम में इंटीरियर का खर्च

शोरूम के डिज़ाइन और डेकोरेशन अपने हिसाब से चाहती है जो कि शोरूम में सेल्स एरिया,स्टॉक एरिया,सर्विस एरिया और पार्किंग जरुरी है।

वर्किंग कैपिटल का खर्च

जब आपकी हीरो कंपनी से बाइक डीलरशीप पक्की हो जाए उस स्थिति में आपके लोकेशन से एक महीने में सेल की जाने वाली गाड़ी आपको कंपनी से व्हीकल स्टॉक के लिए खरीदना होगा। सर्विस डीलरशीप- 30 से 40 लाख रूपये के अलावा 3 से 4 लाख रूपये ब्रांड सेक्योरिटी के रूप में देना होता है।

बाइक डीलरशीप के लिए जमीन

मेन डीलरशीप के लिए 3000 से 4000 स्क्वेयर फीट और सर्विस डीलरशीप के लिए 1200 से 1500 स्क्वेयर फीट की आवश्यकता होगी।

हीरो बाइक डीलरशीप में डाक्यूमेंट

इसमें दो प्रकार के डाक्यूमेंट की आवश्यकता होती है-

    1. पर्सनल डाक्यूमेंट- आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक अकाउंट,फोटोग्राफ,ईमेल आईडी और कांटेक्ट नंबर।
    2. प्रापर्टी के डाक्युमेंट- यदि जमीन आपकी निजी है तो आपको अपनी जमीन की कम्प्लीट डाक्यूमेंट विथ टाइटल एड्रेस प्रूफ होना चाहिए।

और यदि जमीं आपने रेंट में ले रखी हो तो रेंट जमीन का लीज एग्रीमेंट एन ओ सी के साथ होना चाहिए।

हीरो डीलरशीप में कंपनी हेल्प

शोरूम के डिज़ाइन और डेकोरेशन अपने हिसाब से चाहती है, इसलिए कंपनी एक इंजीनियर भेजती है साथ ही आपके एजेंसी की बेहतर सेल्स एवं सर्विस के लिए आपके साथ आपके हेल्पर और वर्कर को ट्रेनिंग भी देती है और आपके एजेंसी के विज्ञापन में भी हेल्प करती है।

हीरो बाइक डीलरशीप बिज़नस में रिस्क

हर बिज़नस की तरह इस बिज़नस में भी रिस्क है। यदि दोस्तों आपको बाइक एवं बाइक के पार्ट्स और सर्विस का अच्छे से ज्ञान नहीं है। और बाइक के विभिन्न फाल्ट और प्रकार की जानकारी नहीं है तो यह बिज़नस आपके लिए रिस्क हो सकता है।

दोस्तों कोई भी बिज़नस करने से पहले अपने एरिया में सर्वे कर लेवे। नफे/ नुकसान का अनुमान लगा लो। पहले से बाइक डीलरशीप बिज़नस कर रहे लोगो से सलाह लो। उसके बाद ही बिज़नस को शुरू करो। नहीं तो आपको नुकसान भी हो सकता है।

दोस्तों इनके अलावा हीरो कंपनी की बाइक डीलरशीप बिज़नस से जुड़े विभिन्न जानकारी के लिए आप हमारे इस विडियो को देख सकते है। जिसमे हमने hero bike dealership hindi को विस्तार से बताया है। इस विडियो में हीरो बाइक डीलरशीप बिज़नस के रिस्क, स्किल्स और विभिन्न तथ्यों के बारें में चर्चा किया है।

तो दोस्तों उम्मींद करता हु यह लेख Hero MotoCorp Bike Dealership आपको बहुत पसंद आया होगा। अगर आपको यह लेख ( hero bike dealership Hindi ) पसंद आया हो तो लाइक करें। लोगो को शेयर करें। ताकि वो भी इस new business ideas को अपने एरिया में शुरू करके अच्छी मुनाफा ले सके।

यदि आप कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे अन्य वेबसाइट https://www.nayabusiness.in एवं YouTube चैनल Computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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Top 10 cow dung business in india | गोबर से जुड़े 15 बेस्ट बिज़नस आइडियाज

 

Top 10 Cow Dung Business in India

दोस्तों! आज हम गोबर से जुड़े 15 बेस्ट बिज़नस आइडियाज (Top 10 cow dung business) के बारे में बात करेंगे। जिसमें गोबर से जुड़े 15 बिज़नस प्लान (cow dung business Plan) को समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम गोबर बिज़नस से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे cow dung Business Ideas एवम् gobar se business के बारें में बताऊंगा।

हाल ही में हरेली के दिन से छ.ग. सरकार ने खुले में चराई को बंद करने और कृषि के प्रति युवाओं के रूचि को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘गोधन न्याय योजना’ की शुरूआत कर दी है, और इसके पहले ‘गौठान योजना’ और उसके पहले छ.ग. के चार चिन्हारी नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को बढ़ावा दिया है। इन योजनाओं ने न सिर्फ गोबर के महत्व को बढ़ावा दिया है बल्कि मार्केट में गोबर से बिकने वाले प्रोडक्ट की डिमांड को भी बढ़ा दिया है। इस कारण गोबर से संबंधित बिजनेस करने वाले आज लाखों का इन्कम ले रहे है।

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आप गोबर से कौन-कौन से 15 बिजनेस कर सकते है। गोबर से बिजनेस करने के लिए कौन-कौन सी मशीनों (cow dung machine) की आवश्यकता होगी। तैयार माल को आप कहाँ सेल कर सकते है। प्रत्येक बिजनेस में आपकी लागत और मुनाफा कितनी होगी। तो दोस्तों आइये देखते है कि गोबर से 15 बिजनेस कौन-कौन से है-


गोबर से धुपगत्ती का बिजनेस

आजकल मार्केट में गोबर के धूपबत्ती का काफी डिमांड और चलन है। क्योंकि गोबर से बने होने के कारण मंदिरों और धार्मिक स्थलों और घरों में पूजा , हवन आदि के लिए गोबर के धूपबत्ती का उपयोग बढ़ गया है। गाय के गोबर से धूपबत्ती बनाना बहुत ही आसान है इसे आप छोटे-छोटे सांचो से या अधिक मात्रा में बनाने के लिए मशीनों का उपयोग कर सकते है। इसे 10 किलो गोबर में 5 किलो लकड़ी का बुरादा ,आधा किलोग्राम चंदन 10 टिकिया कपूर, 250 ग्राम सरसों जौ का आटा और 250 ग्राम गौमूत्र जो तीन बार उबला हो को मिक्स करके बनाया जाता है। 4 इंच की 15 स्टिक 30 से 40 रू में बिक जाती है।

cow dung business

यदि आप भी गोबर से धूपबत्ती का बिजनेस (cow dung dhupbatti business) करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने गोबर से धूपबत्ती का बिजनेस की पूरी जानकारी दी है।


गोबर से गमला का बिजनेस

गोबर का जो गमला बनता है वह मिट्टी और सीमेंट के गमला की अपेक्षा विशेष क्वालिटी का होता है क्योंकि गोबर का गमला हल्का, ताप नियंत्रक और वायु का वाष्पोत्सर्जक होता है। जो कि पौधे के वृद्धि एवं पोषण के लिए बेहतर है। साथ ही यदि किसी कारणवश गोबर का गमला टूट जाता है तो वह खाद के रूप में काम आ जाता है। गोबर का गमला मशीन से एक दिन में 500 गमला तैयार हो जाता है जिसे आप 20 से 25 रू़ में सेल कर सकते है।

यदि आप भी गोबर से गमला बनाने का बिजनेस (flower pot business) करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने गोबर से गमला बनाने का बिजनेस की पूरी जानकारी दी है।


गोबर से दिये का बिजनेस

आजकल आप मार्केट में हल्की और विभन्न डिजाइनों में रंग-बिरंगी दिये देखते है। वो गोबर से बने होते है, इस गोबर दिये की डिमांड दूसरे राज्यों के साथ विदेशों में भी बहुत है। गोबर को छोटे-छोटे गोले के रूप में सूखाकर उसे बारीक पाउडर बना लिया जाता है। उस पाउडर में गोबरगम मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाकर किसी डिजाइन में आकार दे दिया जाता है। हल्की धूप या खुली छांव में सूखाकर उसे फेब्रिक कलर से पेंट करके मार्केट में आकार के अनुसार 1,2 या 3 रू में बेच कर अच्छा-खासा मुनाफा ले सकते है।

इस बिजनेस को महिलाएं ज्यादातर समूह के रूप में करती है। इस दिये में भी मिट्टी के दिये के समान ही गुण होते है साथ ही इसका वजन भी कम होता है। जो संस्थाएं मिट्टी के दिये को बिजनेस करते है उसको भी आप सेल कर सकते है। दिये को हाथ से बनाये जाते है लेकिन ज्यादा फिनिसिंग और अधिक मात्रा में शीघ्रता से बनाने के लिए आप सांचा या मशीन का भी उपयोग कर सकते है।

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गोबर से कागज का बिजनेस

यदि आपके पास 8 -10 लाख का बजट है। तो आप गवर्नमेंट की योजना के अनुसार आप 12 लाख के गोबर से पेपर बनाने का उद्योग लगाकर एक ही महिने में लाखों को इन्कम ले सकते है। इस प्रोजेक्ट में सरकार सब्सिडी भी देती है। यह प्रोजेक्ट दूसरे राज्यों में लग चुके है लेकिन छ.ग. में अभी ये यूनिक बिजनेस है यदि आप यह बिजनेस करते है। तो इसकी डिमांड मार्केट में बहुत ज्यादा है साथ ही आप पेपर से और भी बिजनेस कर सकते है। इस बिजनेस की एक और खासियत है। कि इस बिजनेस का कोई भी वेस्ट पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है।

यदि आप भी गोबर से कागज बनाने का बिजनेस करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने गोबर से कागज बनाने का बिजनेस की पूरी जानकारी दी है।


गोबर से गोकाष्ट लकड़ी का बिजनेस

गोकास्ट की खोज के बाद जलाऊ पेड़ो को काटने की क्रिया में कमी आयी है विशेष दाह संस्कार में सबसे ज्यादा बिकने वाली उत्पाद है। साथ ही इसके धूएं से उस स्थान के समस्त रोगाणु,जीवाणु और विषाणु भी खत्म हो जाते है। साथ ही उस स्थान में शुद्ध वायु का प्रवाह हो जाता है। गोबर से गौकास्ट बनाना अन्य उत्पाद की तुलना में सबसे सरल है। गोबर को 3-4 दिन स्टाक करके उसके मायस्चर को कम करके गौकास्ट बनाने वाली मशीन के हापर में डाला जाता है। उसके बाद धूप में सूखने के बाद गोबर से गोकास्ट तैयार हो जाता है। मार्केट में इस गोकास्ट की कीमत 5-7 रू. /किलो है। 50000 की मशीन से आप एक दिन में 20 क्विंटल लकड़ी तैयार कर एक महिना में आप 1 लाख इन्कम ले सकते है।

यदि आप भी गोबर से गौकास्ट का बिजनेस करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने गोबर से गौकास्ट का बिजनेस की पूरी जानकारी दी है।


गोबर से साबुन का बिजनेस

केमिकल सोप हमारी स्किन में चर्मरोग जैसी कई बिमारियो को आमंत्रित करती है, बल्कि इसके विपरित गोबरसोप अनेक रोगों से बचाव करती है। गोबर के साथ नीम के तेल, कपूर, हल्दी, सरसो का तेल, नारियल तेल और साइट्रिक एसिड को एक निश्चित अनुपात में मिलाकर गोबर सोप बनाया जाता है। गोबर सोप से चर्मरोग संबंधी अनेक समस्या के लिए बेहतर होता है। एक गोबर सोप को आप 25 से 35 रू. में बेचकर अच्छा-खासा इन्कम ले सकते है। गोबरसोप को आप होममेड भी तैयार कर सकते है। या फिर गोबरसोप बनाने की मशीन खरीद कर प्रोडक्शन कर सकते है।


गोबर से अगरबत्ती का बिजनेस

बाहर चरने वाली गाय के एक किलो गोबर में अगरबत्ती बनाने का मसाला को मिलाया जाता है, उसमें थोड़ा सा घी मिलाकर अच्छी तरह मिलाकर आवश्यक साइज में बनाकर अगरबत्ती तैयार किया जाता है । तैयार अगरबत्ती को धूप या खुली छांव में सूखाया जाता है। सूखने के बाद 10,12,15 या 20 अगरबत्ती के सेट मे पैकेट तैयार किया जाता है। मार्केट में 15 अगरबत्ती के पैकेट की कीमत 35 से 45 रू़ तक होता है।


गोबर से ईट का बिजनेस

गोबर से बनने वाली ईट ताप नियंत्रक,हल्का और रेडियेशन को कम करता है। साथ ही इकोफैंडली है। दोस्तो छ.ग. में ये बिजनेस एक यूनिक बिजनेस है, इस बिजनेस से आप अनियमित कमाई कर सकते है। इस बिजनेस की एक और खासियत है कि इस बिजनेस का कोई भी वेस्ट पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है। गोबर में जिप्सम,चूना,फ्लाईएश ,साइट्रिक एसिड को ईट बनाने के फार्मूला के अनुसार निश्चत अनुपात में मिलाकर ईट बनाया जाता है। जो लोग गोबर से ईट बनाने के मशीन सेल करते है वे फार्मूला के साथ ट्रेनिंग भी देते है। मार्केट में ये ईट 4 से 5 रू़. में सेल होती है।


गोबर से खाद का बिजनेस

गोबर खाद मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने के साथ पर्यावरण से इकोफैंडली है। गोबर खाद से जो भी पौधा या फसल तैयार होता है। वह स्वास्थ्य के लिए लाभवर्धक है। जो कि विभिन्न बिमारियों से बचाती है। इसी कारण गोबर से बने खाद की डिमांड बहुत ज्यादा है। गोबर खाद को आप किसानों के अलावा नर्सरी वालों को, पौधारोपण करने वालों को और तुलसी, एलोविरा और सतावर जैसी औषधी पौधे की खेती करने वालों को सेल कर सकते है।

गोबर के मायस्चर को कम करके उसमें भूसी मिलाकर गोबर से खाद बनाने की मशीन से खाद बनाया जाता है। आप गोबर खाद बनाकर 10 रू./किलो में बेचकर अच्छा इन्कम ले सकते है।।


गोबर से वर्मी कंपोस्ट

गोबर को छायादार जगह पर 2-3 फूट ऊंचे किसी टंकी या गड्ढे को आवश्यकतानुसार लम्बाई – चौड़ाई देकर उसमें गोबर डालकर उसमें थोड़े से केंचुए डालकर जूट की बोरी या खरपतवार से ढ़क दिया जाता है। और समय – समय पर पानी का छिड़काव किया जाता है और 2 महिने के अंदर केंचुए गोबर से वर्मी कंपोस्ट में परिवर्तित कर देते है। वर्मी कंपोस्ट को आप 8-10 रू/किलो में सेल कर सकते है। गोधन न्याय योजना के तहत वर्मी कंपोस्ट को अब छ.ग. सरकार भी 8 रू/किलो से गौठानों में खरीदेगी।


गोबर से उपला (केक, कंडे)

दाल, रोटी, दूध घी और प्रसाद इत्यादि को गैस के बजाय कंडे से बनाने पर उनके गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आती है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों और दाह संस्कार में गोबर के उपलों की विशेष उपयोगिता है। गोबर से उपला का बिजनेस बहुत पुराना है गोबर से उपले बनने के बाद उसको बेचने के लिए परिश्रम की आवश्यकता ही नही है। ग्राहक स्वयं ढूंढ़ता हुआ आता है और यदि आपको अधिक कीमत में बेचना है। अमेजान या फ्लिपकार्ट में 10-12 उपला को 50 रू. बिक जाती है।

ऑनलाइन सेलिंग के लिए ई-कॉमर्स में एकाउंट बनाना होता है। उपला बनाने के लिए किसी प्रकार की विशेष मशीन की आवश्यकता होती नहीं है। यदि आप चाहे तो सांचा से परफेक्ट सेफ और फिनिसिंग दे सकते है। गोबर से उपला बनने के बाद उसे धूप में रखने से एक सप्ताह में सूख कर तैयार हो जाता है।


साम्ब्रानी धूपबत्ती का बिज़नस

आजकल मार्किट में गोबर से साम्ब्रानी धूपबत्ती का खूब डिमांड और चलन है। क्योकिं यह गोबर से बनने के वजह से इसका विशेष महत्व है। हमारे देश में धार्मिक आस्था को विशेष महत्त्व दिया जाता है। अतः साम्ब्रानी धूपबत्ती का डिमांड मंदिरों, पूजा स्थलों एवं धार्मिक अनुष्ठानों में बहुत अधिक होता है। साम्ब्रानी धूपबत्ती को सांचे की सहायता से बनाया जाता है। अधिक मात्रा में प्रोडक्शन के लिए मशीन का उपयोग किया जाता है।

यदि आप भी साम्ब्रानी धूपबत्ती का बिज़नस करना चाहते है और इसकी पूरी जानकारी चाहते है तो आप निचे दिए गए विडियो को जरुर देखें। क्योकिं इसमें हमने साम्ब्रानी धूपबत्ती की पूरी जानकारी दी है।


गोबर से वैदिक प्लास्टर का बिज़नस

जयपुर में रोहतक के भारत कालोनी के डॉ शिवदर्शन में आयुर्वेद और साइंस का मेल करके वैदिक प्लास्टर को तैयार किया है। वैदिक प्लास्टर को गाय के गोबर से बनाया जाता है। वैदिक प्लास्टर गर्मियों के दिनों में टेम्प्रेचर को 8 से 10 डिग्री तक कम कर देता है। और सर्दी के दिनों में टेम्प्रेचर को 8 से 10 डिग्री तक बढ़ा देता है।

वैदिक प्लास्टर बनाने के प्रोसेस में 10 प्रतिशत गोबर और 70 प्रतिशत जिप्सम 15 प्रतिशत रेतीली मिटटी और 5 प्रतिशत ग्वारगम और निम्बू के रस के पाउडर को मिलाकर बनाया जाता है। यदि वैदिक प्लास्टर की सेल्लिंग की बात करें तो 30 रूपये प्रति वर्ग फिट की दर से मार्किट में बिक जाता है और इसका मार्किट में बहुत अधिक डिमांड है। वैदिक प्लास्टर का बिज़नस बहुत ही यूनिक बिज़नस आईडिया है। अतः आप भी इस बिज़नस को अपने एरिया में शुरू करके बहुत अच्छा प्रॉफिट ले सकते है।


गोबर गैस प्लांट का बिज़नस

यदि आप डेयरी का बिज़नस करते है या फिर पशुपालन करते है। और आपके पास अधिक मात्रा में गोबर उपलब्ध है तो आप गोबर गैस प्लांट शुरू करके अच्छी प्रॉफिट ले सकते है। गोबर गैस प्लांट से उत्पन्न गोबर गैस को अपने आस पास के घरों में सप्लाई करके इस बिज़नस की शुरवात कर सकते है।


गोबर से मच्छर क्वाइल का बिजनेस

केमिकल वाली क्वाइल बच्चों, बुजुर्ग के साथ युवाओं में श्वास संबंधी विभिन्न प्रकार के रोगों को आमंत्रिव करती है। लेकिन गोबर से जो क्वाइल बनती है वह 100 प्रतिशत हर्बल होने के कारण किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचाता है।गोबर में कपूर, और नीम का तेल से गोबर क्वाइल बनाया जाता है जो कि मार्केट केमिकल क्वाइल से कम कीमत में बेचकर भी ज्यादा मुनाफा लिया जा सकता है।

तो दोस्तों उम्मीद करते है कि इस पोस्ट गोबर से जुड़े 15 बेस्ट बिज़नस आइडियाज (Top 10 cow dung business in india) आपको जरुर पसंद आया होगा दोस्तों अगर यह पोस्ट (gobar se jude 15 best business) आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों को फेसबुक, व्हात्सप्प, इन्स्ताग्राम इत्यादि में शेयर करें और अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो पोस्ट के निचे कमेंट करना ना भूलें। धन्यवाद् !……

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What is TDMA in Hindi | TDMA क्या है ? TDMA advantages and Disadvantages

दोस्तों! आज हम TDMA (Time Division Multiple Access) के बारे में बात करेंगे। जिसमें TDMA के प्रोसेस (TDMA in Hindi) को समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम TDMA से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे TDMA advantages एवम् TDMA disadvantages के बारें में बताऊंगा।

TDMA क्या है? (TDMA kya hai?)

TDMA का पूरा नाम Time Division Multiple Access (TDMA in Hindi) है। यह एक चैनल एक्सेस मेथड है। जिसमे कम्युनिकेशन लिंक को नेटवर्क में उपस्थित सभी स्टेशन को समय के अनुसार बाँट दिया जाता है। प्रत्येक स्टेशन के लिए अलग अलग टाइम स्लॉट होता है। अर्थात सभी स्टेशन को ट्रांसमिशन के लिए समय आबंटित कर दिया जाता है। जिस समय जिस स्टेशन का टाइम स्लॉट होता है केवल उसी का कैरियर उपस्थित रहता है।

TDMA

उदहारण:- जिस प्रकार रेलवे में प्रत्येक ट्रेन के लिए एक समय स्लॉट होता है। उसी के अनुसार वह ट्रेन एक से दूसरी जगह जाता है। जबकि रेल पटरी एक ही होती है। इसी प्रकार नेटवर्क में उपस्थित प्रत्येक स्टेशन को एक टाइम स्लॉट दे दिया जाता है उसी में वह ट्रांसमिशन का कार्य करता है।

TDMA के लाभ (TDMA Advantages Hindi )

    1. किसी भी दिए गए समय में केवल एक स्टेशन ट्रांसमिट कर सकता है। जिसके कारण collision की संभावना बहुत कम होती है।
    2. TDMA एक प्रभावी ट्रांसमिशन सिस्टम है। क्योकिं इसमें कम्युनिकेशन लिंक का अच्छा यूटिलाइजेशन होता है।
    3. TDMA के अंतर्गत टाइम स्लॉट में सिग्नल को तैयार करना बहुत ही असान होता है।

TDMA के हानियाँ (TDMA Disadvantages Hindi )

    1. TDMA नेटवर्क में सभी स्टेशन को सिंक्रोनाइज करना आवश्यक होता है।
    2. प्रत्येक स्टेशन के द्वारा ट्रांसमिशन दिए गए निश्चित समय में हो जाना चाहिए।
    3. एक स्टेशन ही दिए गए स्टेशन में ट्रांसमिट कर सकता है। और वो भी दिए गए टाइम स्लॉट में ही ट्रांसमिट कर सकता है।

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How to start mushroom farming business in Village | मशरूम की खेती कैसे शुरू करें?

 

दोस्तों! आज हम मशरूम फार्मिंग बिज़नस आइडियाज (mushroom farming business) के बारे में बात करेंगे। जिसमें मशरूम की खेती (Mushroom Farming in India) को विस्सतार से समझायेंगे। साथ ही इस लेख में हम मशरूम फार्मिंग बिज़नस से जुड़े विभिन्न पहलु को जैसे प्रॉफिट जमींन, लागत, डिमांड इत्यादि की विस्तार से चर्चा करेंगे।

मशरूम की खेती किसान भाइयों के लिए बहुत ही जबरदस्त बिज़नस है। क्योकिं इसकी सेल्लिंग बहुत ही महँगी होती है और आजकल लोगो में इसकी काफी अधिक डिमांड है। क्योकिं मशरूम में प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जिसके कारण यह एक बहुत ही फायदेमंद बिज़नस आइडियाज है।

अतः आज के इस पोस्ट में हम आपको mushroom farming की पूरी जानकारी देंगे। यह पोस्ट केवल किसान भाइयों के लिए नहीं है बल्कि उन सभी बेरोजगार साथी और नौजवान युवक जो खेती के क्षेत्र में कुछ अच्छा करना चाहते है। और वे सभी लोग जो farming business ideas करना चाहते है।

मशरूम की खेती क्यों करें?

मशरूम में बहुत अधिक प्रोटीन होता है जिसके कारण यह स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक है। और यदि बिज़नस की नजरिये से बात करें तो यह best farming business ideas है जिसे आप सरलता से उगा सकते है। घर में यदि एक रूम भी खाली है तो आप 100 बेग से इसकी खेती कर सकते है।

मशरूम की खेती को आप बहुत ही कम पैसे में शुरू कर सकते है और इसकी खेती में बहुत अधिक प्रॉफिट है क्योंकि इसकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। आजकल लोग स्वास्थ के प्रति बहुत जागरूक है और डॉक्टर भी अपने प्रिस्क्रिप्शन में इसको शामिल कर रहे है।

मशरूम की खेती कहा शुरू करें?

मशरूम की खेती के लिए बहुत ज्यादा जमींन की जरुरत नहीं होती है। आप mashroom farming की शुरवात घर से ही कर सकते है। यदि आपके घर में छोटा सा कमरा खाली है तो आप वही से मशरूम फार्मिंग कर सकते है।

How to start mushroom farming business in Village | मशरूम की खेती कैसे शुरू करें?

मशरूम की खेती कब करें?

मशरूम की खेती को बारहों महिना किया जा सकता है केवल मई और जून के माह में तापमान को मेंटेन करने में थोड़ा सा दिक्कत हो सकता है। और यदि आप कमरे के तापमान को मेन्टेन कर सकते है तो फिर आप मशरूम की खेती बारहों महिना कर सकते है।

कमरे का तापमान कितना होना चाहिए?

ऑयस्टर मशरूम की खेती के लिए कमरे का तापमान लगभग 20 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड के बिच होना चाहिए। साथ ही एक और ध्यान देने वाली बात है की कमरे की आद्रता (humidity) 70 से 90 के बिच होनी चाहिए।

मशरूम फसल की समयावधि

मशरूम की एक फसल चक्र 45 से 55 दिन की होती है जिसमे मशरूम की पहली फ्रूटिंग 25 से 30 दिन में आ जाता है उसके बाद दूसरी फ्रूटिंग 7 से 10 दिन बाद और तीसरी फ्रूटिंग उसके 7 से 10 दिन बाद आ जाता है। इस तरह मशरूम की एक फसल चक्र लगभग 2 महीने में पूरा हो जाता है जिसमे हम मशरूम की तिन बार तोड़ाई करते है। यदि एक पुरे साल की बात की जाये तो आप 5 से 6 बार मशरूम की फसल चक्र पूरा कर सकते है।

मशरूम का उत्पादन

यदि मशरूम के उत्पादन की बात की जाये तो एक बैग में लगभग 2 किलो मशरूम का उत्पादन होता है यदि आप 50 बैग की खेती करते है तो आप लगभग 100 किलो मशरूम का उत्पादन ले सकते है।

Mashroom farming

मशरूम से कमाई

50 बैग मशरूम की खेती यदि आप एक छोटे से कमरे में करते है तो एक बैग में आपको 30 से 40 रूपये का खर्च आता है इस तरह 50 बैग का खर्च 2000 रूपये आएगा जिसमे 500 रूपये अन्य खर्च होंगें।

50 बैग में आप 100 kg मशरूम उत्पादन करेंगे। एक किलो मशरूम की कीमत 200 रूपये होती है। इस तरह आप 20 हजार रूपये में मशरूम सेल करेंगे जिसमे आपको 17500 रूपये का आमदनी होगा । यदि हम 2500 रूपये अन्य खर्च और निकाल दे तो आपको लगभग 15000 रूपये शुद्ध प्रॉफिट होगा। अतः आप अनुमान लगा सकते है की बढे लेवल पर मशरूम फार्मिंग की जाये तो कितना प्रॉफिट होगा।

मशरूम खेती की ट्रेनिंग कहा से लें?

यदि आप भी मशरूम की खेती करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेंनिंग केवल एक हजार रूपये में ले सकते है और अपने घर पर मशरूम खेती करके अच्छा प्रॉफिट ले सकते है। हमने अपने विडियो के डिस्क्रिप्शन में अशोक वर्मा जी का नंबर दिया है। जो पिछले 30 वर्षो से इसकी खेती कर रहे है आप इनसे मशरूम ट्रेनिंग ले सकते है। आप चाहे तो हमारे youtube channel computervidya को सब्सक्राइब करके उनके विडियो देखकर भी आप मशरूम फार्मिंग की पूरी जानकारी ले सकते है।

फार्मिंग के लिए शुरवाती खर्च

मशरूम फार्मिंग के लिए यदि आपके पास 10 बाई 12 का भी रूम है तो इसमें आप मशरुम के 100 बेग की खेती की शुरवात कर सकते है। जिसमे एक बेग का खर्च 30 से 40 रूपये तक आता है। इससे आप अनुमान लगा सकते है की मशरूम फार्मिंग में आपको कितना खर्च आएगा। यदि आप 50 बेग भी लगाते है तो 2000 रूपये से इसकी शुरवात कर सकते है।

मशरूम फार्मिंग के लिए मशीनरी

मशरूम की खेती के लिए कोई विशेष मशीन की जरुरत नहीं होती है केवल पानी छिडकने के लिए स्पेयर की जरुरत पड़ती है जो आपको मार्किट में 1000 से 1500 रूपये में असानी से मिल जायेगा। इनके अलावा आपको तापमान और आद्रता मापने के लिए एक डिवाइस की जरुरत होगी जो मेडिकल शॉप में 4 से 5 सौ रूपये में असानी से मिल जायेगा।

मशरूम खेती के लिए मजदूर

यदि आप मशरूम फार्मिंग को छोटे से कमरे में कर रहे है तो आपको कोई मजदुर की जरुरत नहीं होगी। एक अकेला व्यक्ति इसे असानी से कर सकता है। यदि आप बड़े लेवल पर करेंगे तो आपको मजदुर की जरुरत होगी।

यदि आप मशरूम फार्मिंग की अधिक जानकारी लेना चाहते है तो आप इसके अन्य पार्ट को जरुर पढ़े साथ ही ट्रेंनिंग विडियो देखने के लिए computervidya youtube चैनल में विजिट जरुर करें।

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