Home Computer Fundamentals Notes What is Network Device in Hindi? नेटवर्क डिवाइस क्या है ?

What is Network Device in Hindi? नेटवर्क डिवाइस क्या है ?

Network Device क्या है?

वे सभी Device जिनके help से Network को create किया जाता है उन सभी डिवाइस को Network Device कहा जाता है। नेटवर्क डिवाइस के मदद से नेटवर्क के Size को Increase किया जाता है। नेटवर्क डिवाइस को ही Internetworking Device या Connecting Device भी कहा जाता है।

Example of Network Device :

Reapeter, Hub, Switch, Router, NIC, Modem, Multiplexer, DSL, Bridge, Amplifier और Gateway इत्यादि।

Types of Network Device

  1. HUB
  2. Reapeter
  3. Modem
  4. Switch
  5. Router
  6. NIC
  7. Multiplexer
  8. DSL
  9. Amplifier
  10. Gateway

What is HUB in Hindi? HUB क्या है?

HUB एक Network Device है। जिनका उपयोग Network में Computer की संख्या को बढानें के लिए किया जाता है। Network के Size को Increase करने के लिए भी HUB का प्रयोग किया जाता है। HUB के माध्यम से Network में Multiple Port को available कराया जाता है। जिनके द्वारा नेटवर्क में विभिन्न डिवाइस को connect किया जाता है।

Types of HUB (हब के प्रकार)

HUB को दो Category में बाँटा गया है। पहला ACTIVE HUB और दुसरा PASSIVE HUB.

ACTIVE HUB: इस प्रकार के HUB का उपयोग केवल कनेक्टर के रूप में किया जाता है। यह Signal को Regenerate नहीं कर सकता है।

PASSIVE HUB: इस प्रकार के HUB का उपयोग Multi port एवम Signal को Regenerate करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग Reapeter के रूप में भी किया जाता है।

Advantage of HUB

  • नेटवर्क के साइज़ को बढ़ाने में Help करता है।
  • हब के उपयोग से नेटवर्क के परफॉरमेंस में कोई फर्क नहीं पड़ता है।
  • हब विभिन्न प्रकार के Network media को सपोर्ट करता है।

Disadvantage of HUB

  • हब Network Traffic को फ़िल्टर नहीं कर सकता है।
  • हब नेटवर्क के best path का Selection नहीं कर सकता है।
  • अलग अलग प्रकार के Network Architecture को connect नहीं कर सकता है।
  • Network को Segment में Divide नहीं कर सकता है।
  • नेटवर्क ट्रैफिक को Reduce नहीं कर सकता है।

What is Repeater in Hindi ? Repeater क्या है?

Reapeter एक नेटवर्क डिवाइस है। जिनका उपयोग Digital Signal को Regenerate करने के लिए किया जाता है। जब नेटवर्क में ट्रांसमिशन लम्बी दुरी में किया जाता है तो सिग्नल Week होने लगते है उस समय Reapeter का उपयोग सिग्नल को Regenerate करके ट्रांसमिशन करने के लिए किया जाता है जिससे लम्बी दुरी में ट्रांसमिशन Successfully हो जाता है।

Reapeter एक Intelligent डिवाइस है जो signal को Regenerate करने के साथ साथ Signal में उपस्थित Noise और Error को भी Solve करता है। Reapeter अलग-अलग प्रकार के Network Media के साथ कार्य कर सकता है। कई प्रकार के Hub एवम् Switch में भी Reapeter को inbuilt किया जाता है।

Repeater एक नेटवर्क डिवाइस है जो सिग्नल को रिसीव करता है और Week सिग्नल को Regenerate करके आगे ट्रांसमिट कर देता है। रिपीटर OSI Model के फिजिकल लेयर पर कार्य करता है। नेटवर्क में जितने ज्यादा रिपीटर का उपयोग किया जायेगा उस नेटवर्क का सिग्नल उतना ही ज्यादा Strong होगा और लम्बी दुरी तक ट्रांसमिट किया जा सकता है।

वर्तमान में आने वाले आधुनिक रिपीटर में HUB और Switch इनबिल्ट होते है अतः यह हब और स्विच दोनों का भी कार्य कर सकता है। Repeater को एक इंटेलीजेंट डिवाइस माना जाता है क्योकिं यह ट्रांसमिट होने वाले डाटा पैकेट के Noise और Error को रिपेयर कर देता है।


Repeater के Advantage क्या है?

  • रिपीटर के माध्यम से सिग्नल को Regenerate करके लम्बी दुरी तक ट्रांसमिट किया जा सकता है।
  • Repeater एक Intelligent डिवाइस है यह सिग्नल को Regenerate करने के साथ साथ सिग्नल में उपस्थित Noise और Error को भी Repair करता है।
  • रिपीटर एक Simple Device है अतः इसके उपयोग करने के लिए टेक्निकल स्किल की जरुरत नहीं होती है।
  • रिपीटर की कीमत ज्यादा नहीं होती है अतः इस नेटवर्क में उपयोग करने से नेटवर्क की Cost में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।
  • रिपीटर वायर्ड और वायरलेस दोनों प्रकार के आते है अतः यूजर अपने सुविधा के अनुरूप उपयोग कर सकता है।
  • रिपीटर का उपयोग करके नेटवर्क के साइज़ को बड़ा करने पर उसके परफॉरमेंस में कोई फर्क नहीं पड़ता है।
  • रिपीटर अलग अलग प्रकार के मीडिया से कनेक्ट होकर कार्य कर सकता है जैसे ट्विस्टेड पेअर केबल , कोएक्सीयल केबल, फाइबर ऑप्टिक्स इत्यादि।

Repeater के Disadvantage क्या है?

  • Repeater में नेटवर्क को मॉनिटर करने एवम् उनको ठीक करने की फंक्शन नहीं होती है।
  • रिपीटर का उपयोग केवल डिजिटल सिग्नल के लिए किया जाता है यह एनालॉग सिग्नल के लिए कार्य नहीं करता है।
  • Repeater का उपयोग करके दो अलग-अलग LAN को कनेक्ट नहीं किया जा सकता है इसके द्वारा केवल एक ही LAN के अलग-अलग सिग्मेंट को जोड़ा जा सकता है।
  • Repeater नेटवर्क के ट्रैफिक को फ़िल्टर नहीं कर सकता है।
  • Repeater केवल एक ही प्रकार के प्रोटोकॉल पर कार्य कर सकता है।

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